संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने आज वैश्विक समुदाय से अपील की कि वह भगवान बुद्ध के जीवन से प्रेरणा ले और ‘वैसाख दिवस’ के अवसर पर उनके करुणा संदेश को अंगीकार करे। वैसाख गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और निर्वाण का प्रतीक है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, ”एक राजकुमार के रूप में जन्मे शाक्यमुनि (बुद्ध) मानव की पीड़ाओं का सामना करने के लिए और उनसे उबरने के लिए (राजभवन के बाहर की) दुनिया में चले गए। उनका करुणा संदेश हर काल में प्रासंगिक है।” संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने यह भी कहा कि आज आपस में जुड़े हुए इस विश्व में ”तब तक शांति नहीं हो सकती, जब तक दूसरे लोग दुख में हैं, तब तक कोई सुरक्षा नहीं हो सकती, जब तक दूसरे लोग अभाव में हैं और तब तक कोई टिकाऊ भविष्य नहीं हो सकता, जब तक हमारे मानव समुदाय के सभी सदस्यों को उनके मानवाधिकारों का लाभ नहीं मिलता।”
उन्होंने दुनिया के लोगों से अपील की कि वे एकजुटता की मजबूत भावना के साथ दूसरों के लिए कदम उठाकर बुद्ध के ज्ञान का लाभ उठाएं। इस अवसर पर कल संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक स्मृति समारोह आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के राजदूत, राजनयिक और बौद्ध भिक्षु शामिल हुए।
(भाषा)


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