राजस्थान में सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका में भ्रष्टाचार के चलते एक व्यक्ति को तीन साल तक अपने मकान का पट्टा नहीं मिलने पर उसने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लड़ाई लडऩे का अनोखा तरीका अपनाया है।
लक्ष्मणगढ़ के भानाराम सैनी ने वर्ष 2014 से अपने मकान का पट्टा बनावे का आवेदन नगर पालिका में किया था लेकिन तमाम कोशिश करने के बावजूद उसे पालिका के अधिकारियों ने पट्टा ही नहीं बनाकर दिया बल्कि रिश्वत की राशि न देने पर उसकी पत्रावली को ही निरस्त कर दिया। श्री सैना का आरोप है कि पालिका अधिकारियों ने पट्टा बनाने के लिए उससे 50 हजार रूपये की रिश्वत मांगी लेकिन गरीब होने के कारण यह राशि देने में सक्षम नहीं हूं।
इस पर भानाराम ने हार मानने की बजाए सरकारी कार्यालयों में फैले भष्टाचार के विरुद्ध लडऩे का पक्का इरादा बनाकर कर उसने अपने मकान पर पक्के रंग से रिश्वत की रकम न देने पर पट्टा बनाकर न देने वाले अधिकारियों के कारनामे उजागर करने वाला संदेश लिख दिया। जिसकी इलाके में व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है।
दूसरी तरफ पालिका के अधिकारियों ने उसी दीवार पर मानहानि करने की चेतावनी का नोटिस चस्पा दिया है। यह वाक्या कस्बे में दिलचस्प हो गया है और लोग दीवार पर लिखे संदेश को लेकर तरह तरह की चर्चा कर रहे है।


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