केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण राज्यममंत्री कैलाश चौधरी ने संसद में पारित कृषि संबंधी विधेयकों को क्रांतिकारी बताते हुए शनिवार को कहा कि इससे किसानों के लिए क्रांतिकारी बदलाव आएगा। चौधरी ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा,‘‘ये विधेयक आने वाले समय में किसान के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन लाएंगे और किसान आत्मनिर्भर बनेगा।
उन्होंने कहा कि अब तक देश का किसान अपनी उपज को दूसरी जगह पर अधिक मूल्य पर नहीं बेच पाता था और वह अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को विवश होता था। किसान को इस बात की आजादी नहीं थी कि वह अपनी उपज को देश में कहीं भी अपनी मर्जी की जगह पर बेच सके, लेकिन अब इन विधेयकों के पारित होने से किसान को यह आजादी मिली है कि वह अपने उत्पाद को देश के किसी भी कोने में, जहां अधिक मूल्य मिले बेच सके।
बिना किसी पार्टी का नाम लिए चौधरी ने कहा,‘‘ मोदी सरकार किसानों की मजबूती के लिए कदम उठा रही है। ये विधेयक किसानों के हित में लाए गए हैं, लेकिन विपक्ष देश में अराजकता फैलाना चाहता है।’’
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ऐसे ही विधेयकों का जिक्र किया, लेकिन अब जब मोदी सरकार ने यह पहल की है तो वह इसका विरोध कर रही है। चौधरी ने कहा,‘‘ अगर स्थानी भाषा में मैं इसे कहूं तो वह विपक्षी दल थूक कर चाटना जैसा का काम कर रहे हैं।’’
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष दल संसद में पारित कृषि संबंधी तीन विधेयक कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक , कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 का विरोध कर रहे हैं।


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