देशभर में केन्द्र सरकार की ओर से लाए गए किसान बिल को लेकर विरोध हो रहा है। लोकसभा में पास हुए तीनों किसान बिलों में से अब दो बिल को राज्यसभा में भी मंजूरी दे दी गई है। लेकिन अभी भी लगातार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसान इसका विरोध कर रहे है। किसानों के साथ कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टी भी इन बिलों को किसानों के साथ धोखा बता रही है। ये बिल देश में लागू ना हो, इसके लिए अब कांग्रेस ने अपनी सभी राज्य सरकारों को इन अध्यादेशों के खिलाफ कानून लाने के लिए कहा है। कृषि बिलों को लेकर राजस्थान कांग्रेस और राज्य सरकार ने कवायद तेज कर दी है।
प्रदेश में कृषि कानून का विरोध करते हुए जहां लगातार सीएम अशोक गहलोत और अन्य नेता केन्द्र के खिलाफ बयान दे रहे हैं। वहीं अब सीएम गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्यपाल को केन्द्र के कृषि कानूनों के विरोध में ज्ञापन सौंप दिया है। साथ ही अब कांग्रेस राज्य विधानसभा में इसके खिलाफ कानून लाने की तैयारी में जुट गई है।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहना है कि राज्य सरकार को आर्टिकल 254 (2) के तहत यह अधिकार है कि वो उनके क्षेत्राधिकार में दखल देने वाले केन्द्रीय कानूनों को नकार दें।
इस मामले में राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भी मीडिया में बयान दिया है। सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार के कृषि कानून का विरोध करते हुए किसानों के लिए इसे हानिकारक बताया है। पायलट का कहना है कि इस कानून से मंडियां खत्म हो जाएंगी। किसान कैसे मुंबई- दिल्ली जाकर अपनी उपज बेचेगा। सबसे बड़ी बात इसमें किसानों के लिए एमएसपी का जिक्र नहीं है।


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