राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 70 हजार कोरोना जांच प्रतिदिन करने की क्षमता है, जिसे जल्द ही बढ़ाकर एक लाख किया जाएगा और इसके लिए विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है। शर्मा ने लोगों को सावधान किया कि टीकाकरण के बाद भी कोरोना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता और इसलिए जिन लोगों का टीकाकरण हो गया उन्हें भी मास्क, दो गज की दूरी और बार-बार हाथ धोने जैसी सावधानियां नहीं छोड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लापरवाही के चलते इन दिनों कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि फरवरी में प्रदेश भर में कोरोना से संक्रमितों की संख्या केवल 60 थी, और आज यह संख्या 1700 को पार कर गई है। राजस्थान ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता पाई थी और अब भी सरकार और विभाग पूर्ण रूप से सतर्क और सजग है।
मंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी है और सभी निजी चिकित्सालयों में सामान्य और आईसीयू के 10 प्रतिशत बिस्तर कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि वहीं डेडिकेटेड कोविड सैन्टर की संख्या में भी बढ़ोतरी की भी तैयारियां की जा रही है।


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