टोंक अदालत ने आज अपहरण एवं हत्या के मामले में 3 आरोपियों को आजीवन तथा एक आरोपी को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई जबकि अन्य छह आरोपियों को बरी कर दिया गया।
अपर जिला एंव सैशन न्यायाधीश रमाकान्त शर्मा ने इस मामले में मुख्य आरोपी श्योजी गुर्जर, जीप चालक मुकेश गुर्जर एवं मेघराज जाट को आजीवन कारावास तथा आरोपी सुरज्ञान गुर्जर को हत्या की नियत से अपहरण करने के आरोप में सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को सन्देह का लाभ देकर बरी कर दिया। इस मामले के एक अन्य आरोपी दामोदर मीणा की गत वर्ष नवम्बर में मृत्यु हो गई।
मामले के अनुसार जयपुर जिले की चाकसू तहसील यारलीपुरा गांव निवासी ट्रक चालक जगदीश गुर्जर 19 अगस्त 2011 को खल्लासी रामकल्याण गुर्जर के साथ टोंक जिले में बरथल चौराहा पर चाय पी रहा था, जहां कमाण्डर जीप में आये श्योजी गुर्जर तथा अन्य आरोपियों ने जगदीश का अपहरण कर बाद में उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के टुकड़ कर चम्बल नदी में डाल दिया गया था।
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