राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के गांव-ढाणी तक घर-घर नल से जल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस दिशा में पूरी तत्परता के साथ काम करते हुए जल परियोजनाओं को समय पर पूरा कर आमजन को राहत पहुंचाएं।
जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी से उनकी लागत तो बढ़ती ही है, जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गहलोत ने रविवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए अधिकारी पेयजल आपूर्ति की तमाम व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आवश्यकताओं का आकलन कर आपात योजना के आधार पर तत्काल जल स्रोतों की वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना ‘जल जीवन मिशन’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इससे संबंधित पेयजल परियोजनाओं का काम समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाए।
हैंडपंप और नलकूप लगाने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीर योजना के तहत प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना का परीक्षण कर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में हैंडपंप और नलकूप लगाने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विभाग के अधीक्षण अभियंता और संबंधित अधिशासी अभियंता की समिति बनाकर हैंडपंप एवं नलकूप लगाने के लिए उचित स्थानों का निर्धारण किया जाए। बैठक में जलदाय मंत्री महेश जोशी, जल संसाधन मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


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