राजस्थान में सोमवार से सख्त लॉकडाउन की घोषणा के बाद बिहार-यूपी के मजदूरों को कोई काम नहीं मिलने के कारण उनका पलायन शुरू हो चुका है। सांगानेर, वीकेआई और मानसरोवर क्षेत्र में रहने वाले बिहार और उत्तर प्रदेश के हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं ऐसे में वे अपने गांव लौटना चाहते हैं।
जब से प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा हुई है कि हजारों की तादाद में मजदूर पलायन कर गए और कुछ और भी जाना चाहते है। उत्तर प्रदेश के राय बरेली निवासी ऋषि ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए जयपुर आए थे। एम्ब्रॉयडरी की मशीन चलाते थे। कोरोना के कारण उनका काम बंद हो गया है। ऐसे में खाली रहकर यहां क्या करेंगे। गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। खुद क्या खाएंगे, परिवार को क्या खिलाएंगे।
लॉकडाउन के कारण कारोबार बंद होने का हवाला देकर मालिक ने कहा- जाओ। घर घूम आओ। जब सामान्य हालात होंगे, तब आना। बिहार के मधुबनी निवासी दशरथ आइसक्रीम बेचते थे। गर्मी का ही सीजन होता है कि आईसक्रीम का बिजनेस चलता है। लॉकडाउन लग गया तो सब चौपट हो गया।
नंदपुरी में परिवार सहित रहते थे। अब घर जाकर ही कुछ करने का मन बनाया है। हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी एक बार फिर छिन गई है। राज्य सरकार ने मजदूरों की पलायन को रोकने के लिए इस बार लॉकडाउन में कुछ इकाइयों को छूट भी दी है, लेकिन पिछली बार कोरोना संक्रमण में मजदूरों को हुई परेशानियों के चलते इस बार मजदूरों ने खुद ही अपने घरों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।


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