गहलोत ने बुजुर्गों को लेकर बिहार सरकार के कदम को बताया स्वागतयोग्य

Summary :

माता-पिता के सम्मान को बनाए रखने के लिए और संतान का उनके प्रति दायित्व सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम उठाना अतिआवश्यक है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा न करने वाली संतानों के लिए सजा का प्रावधान किए जाने संबंधी बिहार सरकार के कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि सभी राज्यों में ऐसे प्रावधान होने चाहिए। गहलोत ने इस बारे में ट्विटर पर लिखा है, ‘‘संतानों द्वारा वृद्ध माता-पिता की सेवा न करने संबंधी मामलों पर बिहार सरकार का कदम स्वागत योग्य है।

माता-पिता के सम्मान को बनाए रखने के लिए और संतान का उनके प्रति दायित्व सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम उठाना अतिआवश्यक है।’’ मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘‘राजस्थान में तो वर्ष 2010 में ही हमारी सरकार ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण नियम के तहत माता-पिता की अनदेखी करने वालों या उन्हें अपनाने से इनकार करने वाली संतानों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान कर दिया था।’’ 

बिहार में बुजुर्ग माता-पिता की सेवा नहीं करने वाले जाएंगे जेल !

गहलोत ने कहा है कि बुजुर्गों का सम्मान बनाए रखने और उनके भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों में ऐसे प्रावधान होने चाहिए। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसके तहत अपने माता पिता की सेवा नहीं करने वाली संतानों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। 

Desk Team