ईडी ने हाल ही में सोनिया गांधी से नेशनल हेराल्ड मामले में पूछताछ की थी, जिसे लेकर सीएम अशोक गहलोत ने ईडी की कार्रवाई पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। इस मामले को लेकर सीएम एक के बाद एक लगातार तीन ट्वीट कर चुके हैं।
सीएम ने इससे पहले ट्वीट कर लिखा है कि, ईडी के हेराल्ड हाउस पर छापा केंद्र सरकार के गुस्से का प्रतीक है। पूछताछ के नाम पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को प्रताड़ित करने के बाद अब ईडी चेहरा बचाने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रही है।
दूसरे ट्वीट पर उन्होंने कहा कि अगर इस पूरे मामले में पैसों का लेन-देन नहीं होता है तो मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हो सकती है। ईडी ने जुलाई 2015 में मामले को बंद कर दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उस समय के जांच अधिकारी का तबादला कर नए अधिकारियों पर दबाव बनाया और प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई शुरू की। ED द्वारा हेराल्ड हाउस पर छापेमारी केन्द्र सरकार की बौखलाहट का प्रतीक है। श्रीमती सोनिया गांधी एवं श्री राहुल गांधी को पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित करने के बाद ED अब फेस सेविंग के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 2, 2022
वहीं तीसरे ट्वीट में सीएम ने कहा है कि केंद्र सरकार ईडी के जरिए कांग्रेस को कितना भी बदनाम करने की कोशिश करे, आखिर में सच्चाई की ही जीत होगी। इस पूरे मामले में कोई मनी ट्रांजेक्शन ही नहीं हुआ तो मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हो सकती है। ED ने जुलाई, 2015 में इस केस को बन्द कर दिया था परन्तु केन्द्र सरकार ने उस समय के जांच अधिकारी का तबादला कर नए अधिकारियों पर दबाव डाला और बदले की भावना से कार्रवाई शुरू की।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 2, 2022
गौरतलब है कि ईडी इस मामले में सोनिया और राहुल गांधी से लंबे समय तक पूछताछ कर चुकी है। ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस सड़कों पर उतरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में रहकर मोर्चा संभाला। इस पूरे मामले में कोई मनी ट्रांजेक्शन ही नहीं हुआ तो मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हो सकती है। ED ने जुलाई, 2015 में इस केस को बन्द कर दिया था परन्तु केन्द्र सरकार ने उस समय के जांच अधिकारी का तबादला कर नए अधिकारियों पर दबाव डाला और बदले की भावना से कार्रवाई शुरू की।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 2, 2022
इस मुद्दे को लेकर सीएम लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि ईडी की कार्रवाई के जरिए कांग्रेस नेताओं को सिर्फ राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस इस कार्रवाई से डरने की बजाय आम आदमी और जनहित से जुड़े मुद्दों को ज्यादा प्रमुखता से उठाएगी।


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