राजस्थान के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने बुधवार को कहा कि समाज में जन जागरूकता लाकर ही एचआईवी-एड्स बीमारी के खिलाफ जंग को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सावधानी और सतर्कता के जरिए ही हम अपनी पीढ़ियों को सुरक्षित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ‘प्रशासन शहरों-गांवों के संग’ अभियान में मरीजों की जांच कर निशुल्क दवाएं दी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक प्रदेश को एड्स मुक्त बनाना है।
जरूरतमंद लोगों को निशुल्क दवाएं
मीणा, विश्व एड्स दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एड्स पीड़ित नियमित दवाओं के सेवन से सामान्य जीवन यापन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार प्रदेशवासियों को चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के जरिए पांच लाख रुपए तक का बीमा दे रही है। राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों को निशुल्क दवाएं देकर और उनकी निशुल्क जांच कर मुख्यमंत्री के ‘निरोगी राजस्थान’ के संकल्प को साकार कर रही है। उन्होंने जोखिम वाली बीमारियों के मरीजों को आगे आकर जांच करवाने का आह्वान किया।
सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित किया
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंद और गरीब तबके के लोगों तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की हरसंभव कोशिश कर रही है। विभाग द्वारा एचआईवी/एड्स बीमारी से पीड़ित लोगों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। एड्स पीड़ितों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थाएं ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाने का अनुकरणीय कार्य कर रही हैं।
जन जागरूकता अभियान चलाए
इस अवसर पर उन्होंने एड्स नियंत्रण के लिए बेहतरीन कार्य करने वाले अधिकारियों, कार्मिकों और रेड रिबन क्लब के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर भी सम्मानित किया। एड्स कंट्रोल सोसायटी के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा राज्य में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।


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