राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा ‘अनुसंधान विकास एवं नवाचारों के जरिए औद्योगिक विकास’ विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, उद्योगों से अनुसंधान और डिजाइन के नवाचारों को प्रोत्साहित करने वाली संस्थागत प्रणाली विकसित करने का आह्वान किया है।
उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) को राज्यों में नवीनतम अनुसंधान और डिज़ाइन पेटेंट कराने के लिए उद्यमियों को प्रेरित करने की नीति पर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने ‘शिक्षित अर्थव्यवस्था’ की सोच के साथ काम करने पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार और उद्यमियों की साझा समझ विकसित किये जाने से ही देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नवाचार अपनाते हुए उच्च विकास वृद्धि की रणनीति पर कार्य करना आज समय की जरूरत है। इसके लिए छोटे छोटे स्थानों पर होने वाले लोकल नवाचारों, डिज़ायन के नवीनतम रूपों और अनुसंधानों की पहचान कर उन्हें आगे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश में क्षमताओं की कमी नहीं है, पर एक राष्ट्रीय अनुसंधान और नवाचार प्रणाली के आवश्यक घटकों के विकास में औद्योगिक क्षेत्रों को आगे आकर कार्य करने की जरूरत है।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने भारत सरकार द्वारा देशभर के राज्यों में पेटेंट सूचना केंद्रों, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहायता केंद्रों के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि इनमें उपलब्ध अवसरों के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने में उद्योग परिसंघ जैसी संस्थाएं अपना योगदान दें। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें व्यावसायिक दक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने अनुसंधान और नवाचारों के लिए देश में प्रभावी वातावरण बनाए जाने पर भी जोर दिया।


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