Rajasthan: HPCL पाइपलाइन से कच्चा तेल चोरी करने वाले 8 आरोपी गिरफ्तार, एक हफ्ते में 20 टन क्रूड ऑयल बेचा

Summary :

गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में एचपीसीएल (HPCL) पाइपलाइन से कच्चा तेल चोरी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त रूप से मिलर एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बालोतरा जिले की पचपदरा तहसील से गुजरने वाली HPCL पाइपलाइन से कच्चा तेल चोरी करके बेचते थे। पुलिस ने इसमें शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कैसे पकड़े गए 8 आरोपी?

चोरी किए गए तेल को वे अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर बेचने की फिराक में थे। सूचना मिलने पर एटीएस ने कुवाडवा के पास सोखड़ा रोड से जयराज सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि यह कच्चा तेल बालोतरा जिले के कालूड़ी गांव से लाया गया था। इसके बाद, एटीएस की टीम ने राजस्थान पुलिस की मदद से इस साजिश में शामिल अन्य 7 आरोपियों को भी बालोतरा के टापरा गांव के पास एक ढाबे से पकड़ लिया।

पाइपलाइन में वॉल्व लगाकर करते थे चोरी

आरोपियों को पूछताछ के लिए जसोल पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्होंने एचपीसीएल (HPCL) की पाइपलाइन से अवैध रूप से कच्चा तेल चोरी करने की बात कबूल कर ली। जांच में सामने आया कि गिरोह ने कलुडी गांव में बंजर जमीन पर गड्ढा खोदकर पाइपलाइन में अवैध वॉल्व लगाया था। एचपीसीएल अधिकारियों और राजस्थान पुलिस की संयुक्त जांच में भी इस अवैध वॉल्व की पुष्टि हो गई है। रिफाइनरी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर श्रवण कुमार जाट (24) की शिकायत पर जसोल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

10-10 टन क्रूड ऑयल के दो टैंकर चोरी

पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि एक हफ्ते में 10-10 टन क्रूड ऑयल के दो टैंकर ऑयल चोरी करने के बाद राजस्थान के ब्यावर निवासी गोविंद सिंह चौहान को बेचा।

चोरी करने से पहले 6 महीने की रेकी

Crude Oil Theft in Rajasthan
Crude Oil Theft in Rajasthan (Image- Social Media)

एटीएस सूत्रों के अनुसार, गिरोह ने इस चोरी को अंजाम देने से पहले करीब छह महीने तक पाइपलाइन की रेकी की थी। मुख्य आरोपी घनश्याम सोनी इस दौरान जालोर जिले के जसवंतपुरा निवासी मुकेश मेघवाल के घर रुका था। जांच में सामने आया कि रेकी पूरी होने के बाद रंजीत, रमेश, सुरेजी, महेश और दिलीप यादव टापरा गांव के पास एक सड़क किनारे ढाबे पर लगभग एक महीने तक ठहरे थे।

फ़िलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े गैंग के बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। इसके अलावा ये भी देखा जा रहा है कि पाइपलाइन के दूसरे हिस्सों पर भी इस तरह की चोरी तो नहीं हो रही।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।