Jaipur: शिव मंदिर को अवैध कब्जे का नोटिस जारी करने पर विवाद, जेडीए अधिकारी सस्पेंड

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Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शिव मंदिर को नोटिस जारी करना जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के एक अधिकारी को भारी पड़ गया। यहां वैशाली नगर स्थित मंदिर को मिले नोटिस के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार पूनिया को निलंबित कर दिया। जेडीए सचिव निशांत जैन ने शुक्रवार को निलंबन आदेश जारी किया और कहा कि निलंबन अवधि के दौरान पूनिया को नियमानुसार भत्ते मिलते रहेंगे। उनका मुख्यालय जयपुर स्थित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) कार्यालय में निर्धारित किया गया है। मंदिर पर अवैध कब्जे का नोटिस चिपकाया यह…

Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शिव मंदिर को नोटिस जारी करना जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के एक अधिकारी को भारी पड़ गया। यहां वैशाली नगर स्थित मंदिर को मिले नोटिस के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार पूनिया को निलंबित कर दिया। जेडीए सचिव निशांत जैन ने शुक्रवार को निलंबन आदेश जारी किया और कहा कि निलंबन अवधि के दौरान पूनिया को नियमानुसार भत्ते मिलते रहेंगे। उनका मुख्यालय जयपुर स्थित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) कार्यालय में निर्धारित किया गया है।

Jaipur (Source: Social Media)
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मंदिर पर अवैध कब्जे का नोटिस चिपकाया

यह घटना वैशाली नगर के गांधी पथ पर सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान हुई, जहां जेडीए की टीम ने कई दुकानों और आवासीय संपत्तियों पर अतिक्रमण घोषित करते हुए नोटिस चिपकाए। इसी क्रम में, शिव मंदिर की चारदीवारी पर भी एक नोटिस चिपका दिया गया, जिसमें इसे अवैध निर्माण बताया गया। यह नोटिस किसी व्यक्ति, मंदिर समिति या कार्यवाहक को नहीं, बल्कि शिव मंदिर को संबोधित था। इसमें सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया। नोटिस की खबर लगते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। जेडीए के नोटिस से नाराज लोगों ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल को ऐसा आदेश जारी करना असंवेदनशील है और इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

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Jaipur: विरोध के बाद अधिकारी निलंबित

विरोध तेजी से बढ़ा, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर शुक्रवार को प्रवर्तन अधिकारी को इस गलती में उनकी भूमिका के लिए निलंबित कर दिया गया। सूत्रों ने संकेत दिया कि उचित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी धार्मिक स्थल पर सीधे नोटिस चिपकाना एक गंभीर उल्लंघन माना जाता है। अधिकारी की कार्रवाई को जानबूझकर की गई लापरवाही और अधिकार का मनमाना प्रयोग माना गया, जिसके परिणामस्वरूप अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। जेडीए की प्रवर्तन शाखा द्वारा जारी नोटिस में उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया गया है।

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Rahul Kumar Rawat