धारीवाल के ‘मर्दों का प्रदेश’ वाले बयान को लेकर NCW ने CM गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

Summary :

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी को पत्र लिखकर धारीवाल के निलंबन की मांग की है।

राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के रेप को लेकर दिए गए बयान पर बवाल खड़ा हो गया है। धारीवाल के खिलाफ एक्शन लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी को पत्र लिखकर धारीवाल के निलंबन की मांग की है।
महिला आयोग ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि धारीवाल ने राजस्थान में बलात्कार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा था कि यह ‘‘मर्दों का प्रदेश’’ है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर धारीवाल को सदन से निलंबित करने की मांग की है।


उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘आयोग सदन में एक कैबिनेट मंत्री द्वारा दिए गए गैरजिम्मेदाराना, निंदनीय और महिला-विरोधी बयान को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। इसलिए मैं आपसे मामले को देखने तथा मंत्री को सदन से निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध करती हूं।’’

बयान में क्या बोले धारीवाल?
धारीवाल ने राजस्थान को बलात्कार अपराध में नंबर एक होने का कारण समझाते हुए कहा कि बलात्कार के मामलों में हम नंबर एक हैं, अब इन बलात्कार के मामलों के क्या कारण हैं? कहीं न कहीं गलती है। उन्होंने कहा, वैसे भी राजस्थान मर्दों का राज्य रहा है, अब इसका क्या किया जाए।

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