राजस्थान विधानसभा का सातवां सत्र 19 सितंबर को फिर से शुरू हुआ। जहां विपक्षी भाजपा के विधायकों के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट और बाद में कल यानी मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पुष्कर के भाजपा विधायक सुरेश सिंह रावत लम्पी रोग और गायों की मौत के विरोध में अपने साथ एक गाय लाए थे। इतना ही नहीं विधायक जब विधानसभा के बाहर बयान दे रहे थे तो गाय रस्सी खोलकर भाग गई। इसके बाद रावत के साथ आए लोगों ने पीछे दौड़कर गाय को पकड़ने का प्रयास किया।
बता दें कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन विधायकों ने गोवंश में फैले चर्म रोग लुंपी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पोस्टर लिया था। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए और फिर कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले भाजपा सदस्यों ने अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी के कार्यालय में धरना भी दिया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘मैंने 15 अगस्त को ढेलेदार चर्म रोग को लेकर बैठक की और विपक्ष के नेताओं को बुलाया, सभी से बात की, धर्मगुरुओं से बात की। हमारी प्राथमिकता है कि गायों के जीवन को लम्पी रोग से कैसे बचाया जाए, लेकिन भारत सरकार वैक्सीन उपलब्ध कराएगी, दवाएं उपलब्ध कराएंगी, ऐसे में हम भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि आप इसे राष्ट्रीय घोषित करें। आपदा इस मांग पर विपक्ष के नेताओं को हमारा समर्थन करना चाहिए, बल्कि वे यहां धरना दे रहे हैं, यहां बैठकर ड्रामा कर रहे हैं। हम लम्पी रोग को लेकर चिंतित हैं, चाहेंगे कि विपक्ष हमारा सहयोग करे।
लम्पी रोग की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए एक विधायक गाय लेकर विधानसभा परिसर के पास पहुंचे। हालांकि यह गाय परिसर के अंदर नहीं गई। उल्लेखनीय है कि विधानसभा के सातवें सत्र की बैठक पिछली बार 28 मार्च को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।


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