राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में छात्रों की शिक्षा के बारे में कहा है कि, सरकार राज्य में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते तीन साल में शिक्षा के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक फैसले लिए गए हैं। गहलोत शुक्रवार को जोधपुर जिले के झालामंड में मेघवाल महिला छात्रावास के शिलान्यास समारोह को आनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए फैसलों के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले है और हमारा प्रयास है कि बालक-बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें।
आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन
सीएम गहलोत ने छात्रावास के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रूपए देने की घोषणा भी की और सीएसआर फंड के माध्यम से भी आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के लोग इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने बालक-बालिकाओं को स्वतंत्र और शांत वातावरण में अध्ययन और आवास के लिए बेहतर प्रबंध किए हैं। छात्रावासों में बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क आवास, भोजन आदि की सुविधाएं उपलब्ध होने से वे बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई कर पा रहे हैं। राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, स्वच्छकार, अन्य पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के करीब 775 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 36 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
वाउचर योजना की भी हुई शुरुआत
गहलोत ने कहा, एससी-एसटी, ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्गों के कॉलेज विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना भी शुरू की गई है। उन्होंने कहा, समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए डॉ. बी. आर. अंबेडकर एससी-एसटी उद्यमी प्रोत्साहन विशेष पैकेज, इन्क्यूबेशन सेंटर सहित कई योजनाएं लागू की गई हैं।


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