साहित्य जगत के सबसे बड़े उत्सव जयपुर (Jaipur) लिटरेचर फेस्टिवल 2024 के संदर्भ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आयोजकों ने कहा कि साहित्य के इस महाकुंभ में देश-दुनिया के 550 से अधिक लेखक, वक्ता और कलाकार हिस्सा लेंगे। फेस्टिवल में असमी, अवधी, बंगाली, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, कुरुख, मलयालम, ओड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, संस्कृत, तमिल, तोड़ा, उर्दू और बंजारा भाषा – लामानी (लम्बाडा) के साथ ही 8 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के बारे में जानकारी प्रस्तुत की जाएगी|
- जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होंगे कई नामचीन साहित्यकार
- जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल होगा राम मय
- देश-दुनिया के 550 से अधिक लेखक, वक्ता और कलाकार हिस्सा लेंगे
फेस्टिवल में साहित्य जगत की श्रेष्ठ प्रतिभाओं के आने की संभावना
आपको बता दें जेएलएफ के आयोजक टीमवर्क आर्ट्स ने जानकारी देते हुए बताया कि फेस्टिवल में साहित्य जगत की श्रेष्ठ प्रतिभाओं के आने की संभावना है। जिनमें नेशनल जिओग्राफिक की यूरोप और पश्चिमी एशिया में रीजनल मैनेजर, सिल्क : ए हिस्ट्री इन थ्री मेटामोर्फेस की लेखिका आरती प्रसाद, पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर अजय जडेजा, लेखक आनंद नीलकंठन, लेखक और पत्रकार अंजन सुंदरम, लेखक बेन मकिन्त्रे, उपन्यासकार और क्रिएटिव डायरेक्टर बोनी गार्मुस, लेखक गोपालकृष्ण गांधी, जोनाथन फ्रीडलैंड, लेखिका कैथरीन रुंडेल, कैटी कितामुरा, निकोलस शेक्सपियर, लेखिका सीतल कलंत्री, सोनोरा झा शामिल हैं।
भगवान राम के संदर्भ में चार अलग-अलग सेशन्स होंगे
दरअसल, जेएलएफ के संयोजक संजोय रॉय ने फेस्टिवल में आयोजित होने वाले विभिन्न सेशन्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार का लिटरेचर फेस्टिवल राम मय रहेगा। रामचरित मानस के गोल्डन वॉल्यूम बुक रिलीज के साथ ही भगवान राम के संदर्भ में चार अलग-अलग सेशन्स होंगे।फेस्टिवल के सह आयोजक एयू स्माल फाइनेंस बैंक के एमडी और सीईओ, संजय अग्रवाल ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल दुनिया के सबसे प्रमुख लिटरेचर फेस्टिवल है।


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