राजस्थान में उदयपुर जिले की वल्लभनगर एवं प्रतापगढ़ जिले की धरियावद विधानसभा सीट के लिए 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन की तारीख नजदीक आने से चुनावी सरगिर्मयां और तेज हो गई हैं। उपचुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर हैं लेकिन अभी सत्तारुढ़ कांग्रेस एवं मुख्य विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने उम्मीदवार का चयन करने में मशक्कत कर रही हैं। माना जा रहा है कि दोनों प्रमुख पार्टियां आज-कल में अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती हैं।
उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) तथा अन्य दल की तरफ से भी अभी अपने किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई हैं। कांग्रेस की दबदबे वाली वल्लभनगर सीट पर कांग्रेस के पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड खेलने की संभावना के चलते उन्हें टिकट मिल सकता है। लेकिन अभी पार्टी की तरफ से किसी नाम का खुलासा नहीं हुआ हैं जबकि गजेंद्र सिंह शक्तावत के बड़े भाई देवेंद्र सिंह शक्तावत ने भी दावेदारी पेश कर रखी है।
वल्लभनगर उपचुनाव के लिए भाजपा अपने उम्मीदवार के चयन के लिए कड़ी मशक्कत कर रही हैं और गत विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे उदय लाल डांगी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन डांगी पिछले चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे जबकि जनता सेना के रणधीर सिंह भींडर दूसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा एवं निर्दलीय के रुप में दो बार विधायक रह चुके भींडर इस बार अगर उपचुनाव लड़ते हैं तो फिर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है। इस सीट पर भाजपा को अपना उम्मीदवार तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
धरियावद सीट के लिए दो बार विधायक रह चुके नगराज मीणा की कांग्रेस प्रत्याशी के लिए उम्मीदवारी मजबूत बताई जा रही है लेकिन वह पिछले दो लगातार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़ा करने में मशक्कत कर रही हैं। हालांकि अन्य लोगों ने भी उम्मीदवारी जताई हैं। उधर भाजपा ने धरियावद से पूर्व विधायक गौतमलाल मीणा के पुत्र कन्हैयालाल मीणा को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड खेलने की संभावना से कन्हैयालाल को उम्मीदवारी मिल सकती है। हालांकि खेत सिंह मीणा तथा अन्य ने भी अपनी दावेदारी जताई हैं।
इन दोनों सीट में वल्लभनगर सीट पर दोनों प्रमुख पार्टियों की नजर ज्यादा रहने की संभावना है, क्योंकि वल्लभनगर पर अब तक हुए चुनाव में कांग्रेस ने 7 बार बाजी मारी और उसमें भी एक ही परिवार का दबदबा रहा। कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में गुलाबसिंह शक्तावत पांच बार एवं उनके पुत्र गजेंद्र सिंह शक्तावत दो बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधत्व किया। अब यह सीट दोनों ही पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है कि कांग्रेस अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश करेगी वहीं भाजपा इसे हासिल करना चाहेगी। भाजपा ने इस क्षेत्र में दो बार जीत हासिल की और उसमें भी एक बार पार्टी उम्मीदवार के रुप में विधायक रह चुके भींडर अब पार्टी में नहीं हैं।
दोनों प्रमुख पार्टियों के सू्त्रों के अनुसार उम्मीदवारों चयन को लेकर लगभग तैयारी पूरी कर ली गई हैं और अब शीघ्र ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जायेगी। उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 8 अक्टूबर को कांग्रेस प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल कराने उदयपुर के वल्लभनगर और प्रतापगढ़ के धरियावद जाएंगे। गहलोत शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे वल्लभनगर पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे प्रतापगढ़ के धरियावद पहुंचकर वहां पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे।
उधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया एवं उपनेता राजेंद्र सिंह राठौड़ सहित पार्टी के अन्य कई नेता पार्टी प्रत्याशी के नामांकन के समय वल्लभनगर एवं धरियावद दोनों जगह मौजूद रहेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के भी मौजूद रहने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि गत 17 अप्रैल को राज्य में 3 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने 2 सीटों सुजानगढ़ एवं सहाड़ पर बाजी मारी जबकि एक सीट राजसमंद पर भाजपा की उम्मीदवार विजयी रही।


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