Shri Krishna se Jude Rahasya: जमीन से ऊपर क्यों रहते थे भगवान श्रीकृष्ण के चरण? जानें भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े 6 अद्भुत और अनसुने रहस्य

Summary :

ये आर्टिकल भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी छह ऐसी खास और अनसुनी बातें बताता है, जो उनकी ताकत और महानता को दिखाती हैं। श्रीकृष्ण ने जो अनोखी नगरी बसाई थी, उनके जाने के बाद वह समुद्र में डूब गई थी और आज भी उसके निशान मिल जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीकृष्ण के पैर कभी सीधे जमीन पर नहीं पड़ते थे। यह इस बात का प्रतीक था कि वे भगवान विष्णु का पूरा रूप हैं और इस दुनिया के मोह-माया से बिल्कुल दूर थे।

Shri Krishna se Jude Rahasya: भगवान श्रीकृष्ण का जीवन बहुत प्रेरणादायक के साथ-साथ कई सारे रहस्यों से भी भरा हुआ है। उनकी लीलाओं से जुड़े कई ऐसे प्रसंग हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम उनके जीवन से जुड़े ऐसे ही 6 दिलचस्प और अनोखे रहस्यों के बारे में जानेंगे, जो आपको हैरान कर देंगे।

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े 6 अद्भुत और अनसुने रहस्य (Lord Krishna Life Mysteries)

1. द्वारका नगरी का रहस्य

dwarka nagri
Dwarka Nagri (Source: Social Media)

श्रीकृष्ण से जुड़ा सबसे बड़ा रहस्य उनकी बसाई हुई द्वारका नगरी है। ऐसा माना जाता है कि इसे पहले कुशस्थली कहा जाता था, जिसे श्रीकृष्ण ने फिर से बसाया था। इस सुंदर नगरी को विश्वकर्मा ने बनाया था। कथाओं के अनुसार, जब श्रीकृष्ण ने पृथ्वी छोड़ी, तो यह पूरी नगरी समुद्र में डूब गई थी। समुद्र के अंदर आज भी इसके कुछ अवशेष मिले हैं, लेकिन इतिहास और धर्म में इसका पूरा मेल अभी भी खोज का विषय है।

2. धरती से थोड़े ऊपर रहते थे चरण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण जब धरती पर चलते थे, तो उनके चरण कभी भी जमीन को सीधे नहीं छूते थे और हमेशा सतह से थोड़े ऊपर ही रहते थे। इसका कारण ये माना जाता है कि वे कोई साधारण मनुष्य नहीं बल्कि भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार थे, जिनके भीतर असीम अलौकिक ऊर्जा और पवित्रता थी। इसका ध्यात्मिक अर्थ यह भी है कि वे इस संसार और उसकी मोह-माया में रहते हुए भी उससे पूरी तरह परे और अछूते थे।

3. मार्शल आर्ट के जनक श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण अपनी युद्ध कला और ताकत के लिए जाने जाते थे। उन्होंने बचपन में ही कंस के शक्तिशाली पहलवानों चाणूर और मुष्टिक को हरा दिया था। दक्षिण भारत की प्रसिद्ध युद्ध कला कलारिपयट्टू को भी कई लोग पुरानी भारतीय परंपराओं के जरिए श्रीकृष्ण से जोड़ते हैं, हालांकि इतिहास इसे सीधे तौर पर साबित नहीं करता है। फिर भी, कथाओं में उन्हें एक महान और कुशल योद्धा माना गया है।

4. सुदर्शन चक्र किसने दिया था?

Shri Krishna se Jude Rahasya
Shri Krishna se Jude Rahasya (AI Generated)

श्रीकृष्ण का सबसे शक्तिशाली अस्त्र सुदर्शन चक्र था। वैसे तो यह भगवान विष्णु का मुख्य अस्त्र माना जाता है, क्योंकि श्रीकृष्ण खुद विष्णु जी के अवतार हैं इसलिए यह उनकी शक्ति का प्रतीक है। कुछ कथाओं में ऐसा भी कहा जाता है कि परशुराम जी ने उन्हें सुदर्शन चक्र दिया था।

5. जगन्नाथ पुरी में मौजूद है श्रीकृष्ण का हृदय

ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर से भी एक बहुत बड़ा रहस्य जुड़ा है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण के शरीर छोड़ने के बाद उनका दिल पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ था। मंदिर में जब हर कुछ सालों बाद मूर्तियों को बदला जाता है, तो एक बहुत ही बहुत ही छिप-छिपाकर उस पवित्र तत्व को पुरानी मूर्ति से नई मूर्ति में ट्रांसफर किया जाता है। कई लोग इसी पवित्र तत्व को श्रीकृष्ण का धड़कता हुआ दिल मानते हैं।

6. श्रीकृष्ण का अंतिम संस्कार

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था, क्योंकि उनके देह त्यागने के बाद उनका पावन शरीर स्वतः ही दिव्य अग्नि से प्रज्वलित हो गया था, जो कि केवल देवताओं और महाअवतारों की अलौकिक देह के साथ ही संभव होता है।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।