कभी नहीं सोचा था कि बारामती न आने का पछतावा होगा: सिंधु ने अजित पवार के निधन पर जताया दुख

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नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक जताया है। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट को इस बात का मलाल है कि वह एनसीपी प्रमुख के कई बार बुलावे के बावजूद बारामती नहीं गईं। जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनावों के बीच, डिप्टी सीएम अजित पवार बुधवार को एक जनसभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। इस बीच एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। इस हादसे में एनसीपी प्रमुख और 5 अन्य…

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक जताया है। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट को इस बात का मलाल है कि वह एनसीपी प्रमुख के कई बार बुलावे के बावजूद बारामती नहीं गईं।

जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनावों के बीच, डिप्टी सीएम अजित पवार बुधवार को एक जनसभा में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। इस बीच एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। इस हादसे में एनसीपी प्रमुख और 5 अन्य लोगों की जान चली गई।

पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रेस्ट इन पीस, अजित दादा। मुझे आपसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला, और हर बार मैं आपके अनुशासन, आपके काम के प्रति समर्पण और अपने लोगों के प्रति आपके प्यार से प्रभावित हुई। आपने मुझसे अक्सर कहा था, ‘मेरे बारामती आओ।’ मैं सोचती रही कि कभी समय मिलेगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह से न आने का पछतावा होगा।”

सिंधु ने लिखा, “कैप्टन शांभवी पाठक, कैप्टन सुमित कपूर, पिंकी माली और पीएसओ विदीप जाधव के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इतनी सारी जानें चली गईं। इतने सारे परिवार बिखर गए। भगवान सभी को इस दुख से उबरने की शक्ति दे।”

अजित पवार ने साल 1991 से लगातार 7 बार बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें हर बार भारी अंतर से जीत हासिल की। ​​उनकी ताकत का आधार महाराष्ट्र का सहकारी क्षेत्र था। उन्हें एमओए कार्यकारी समिति ने 2025-29 कार्यकाल के लिए महाराष्ट्र ओलंपिक समिति का अध्यक्ष चुना था।

अजित पवार ने 16 साल तक पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (पीडीसी) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया और चीनी सहकारी समितियों और मिल्क यूनियन पर उनका काफी गहरा प्रभाव था। उन्होंने चार मुख्यमंत्रियों (विलासराव देशमुख, अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण और उद्धव ठाकरे) के तहत महाराष्ट्र में लगभग हर प्रमुख मंत्री पद संभाला था, जिसमें जल संसाधन, बिजली और ग्रामीण विकास शामिल हैं।

–आईएएनएस

आरएसजी

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