तो एशेज टेस्ट सीरीज के पांचों मुकाबले खेले जा चुके है, जिसमें मेजबान टीम इंग्लैंड ने अंतिम तीनों ही मुकाबले में जबरदस्त कमबैक किया और सीरीज को ड्रा पर लाकर छोड़ा। वहीं इंग्लैंड के लिजेंड्री तेज गेंदबाज स्टूऑट बोर्ड का एशेज का पांचवां मुकाबला आखिरी मुकाबला था और उन्होंने इतिहास रचते हुए क्रिकेट करियर को अलविदा कहा। तो आइए आपको बताते है सीरीज के आखिरी मुकाबले का हाल और स्ट्रऑट ब्रॉर्ड ने क्या इतिहास रच दिया।

दरअसल ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज के पहले 2 मैचों तक 2-0 से आगे था, और उस वक्त ऐसा लग रहा था कि मेहमान की फौज 22 साल बार आसानी से इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीतकर इतिहास दोहरा देगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। सीरीज के तीसरे मुकाबले में आया ट्विस्ट और मेजबानो ने अपना रंग बदला, रणनीति बदली और फिर बदला रिजल्ट। 2-0 के बाद ऑस्ट्रेलिया को तीसरे मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद चौथे मैच में भगवान की कृपा हुई और मुकाबला बारिश के भेंट चढ़ गया, जिस वजह से ऑस्ट्रेलिया हार के दहलीज को लांघते लांघते बच गई, और फिर अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड के क्रिस वोक्स का ऑलराउंडर प्रदर्शन और स्ट्रऑट ब्रॉर्ड की ऐतिहासिक खेल से मेजबानों ने जीत हासिल कर ली।

सीरीज 2-2 पर खत्म हुआ और ऑस्ट्रेलिया का सपना चकनाचूर हो गया। अंतिम टेस्ट के अंतिम इनिंग में कंगारूओं को 384 रन जीत के लिए चाहिए थे। जबरदस्त ओपनिंग के बावजूद मेहमान टीम के बल्लेबाज कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। पूरी टीम सिर्फ 334 रन ही बना पाई और 49 रन से मुकाबला हार गई। वहीं इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्ट्रऑर्ट ब्रॉर्ड का यह क्रिकेट करियर का अंतिम मुकाबला था, उन्होंने इस पूरे सीरीज दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्होंने इस सीरीज में कुल 22 विकेट हासिल किए। वहीं रिटायरमेंट के साथ वो क्रिकेट इतिहास के पहले और एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने अंतिम मुकाबले के अंतिम पारी में बल्ले से सिक्स लगाया और गेंदबाजी पारी में अंतिम गेंद पर विकेट निकाला। कल से पहले ऐसा कारनामा किसी भी खिलाड़ी ने नहीं किया था।

ब्रॉर्ड ने अपने क्रिकेट में 167 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने कुल 604 विकेट हासिल किए। वहीं 2016 में ही वनडे क्रिकेट को अलविदा कहने वाले इस खिलाड़ी ने 178 विकेट हासिल किए। वहीं 56 मैचों में 65 विकेट ब्रॉर्ड ने चटकाए थे। 37 साल के इस खिलाड़ी को 2007 में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले युवराज सिंह ने भी बधाई दी है और लिजेंड बताया है। उन्होंने इस खिलाड़ी को एक इंस्पिरेशन बताया। वहीं सीरीज की बात करें तो इंग्लैंड ने जबरदस्त कमबैक करते हुए सीरीज को 2-2 पर खत्म किया, हालांकि सीरीज की ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया के पास ही रहेगा क्योंकि वो इस सीरीज के डिफेंडिंग विनर थे।


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