भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर इन दिनों क्रिटीसीज़्म के घेरे में हैं। टेस्ट क्रिकेट में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी खराब नतीजों ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं। हालांकि, मौजूदा सिचुएशन में गंभीर को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) फिलहाल उन्हें पद से हटाने के फेवर में नहीं है।
गंभीर को क्यों मिल रहा है BCCI का सपोर्ट?

गंभीर के टेन्योर में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहा है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार के बाद उनकी कोचिंग पर सवाल उठे। इसके बाद आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिलने से दबाव और बढ़ गया है। इसके बावजूद BCCI गंभीर को अभी समय देने के मूड में है। इसके पीछे खास तौर पर दो कारण माने जा रहे हैं।
1. टेस्ट टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है

भारतीय टेस्ट टीम इस समय बड़े बदलाव से गुजर रही है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद टीम में एक नए दौर की शुरुआत हुई है। शुभमन गिल को कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद टीम को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। कई युवा खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह पक्की करने का मौका मिल रहा है। ऐसे में BCCI का मानना है कि इस बदलाव के दौर में आने वाली असफलताओं का पूरा जिम्मेदार सिर्फ मुख्य कोच को ठहराना सही नहीं होगा। बोर्ड युवा टीम को एक अच्छे लेवल पर होने और इंटरनेशनल लेवल पर एक्सपीरिएंस हासिल करने के लिए पूरा समय देना चाहता है।
2. चोटों ने भी टीम की मुश्किलें बढ़ाईं

गंभीर के फेवर में जाने वाला दूसरा पहलू खिलाड़ियों की चोट है। कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की एवेलेबिलिटी ना होने का असर भारतीय टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान शुभमन गिल का चोटिल होना भी टीम के लिए बड़ा झटका माना गया है। ऐसी चर्चा रही है कि अगर गिल पूरी सीरीज के लिए एवेलेबल रहते है, तो भारत के नतीजे बेहतर हो सकते थे। हालांकि श्रीलंका दौरे से पहले भी टीम की चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर जैसे अहम खिलाड़ी चोट या बाकी वजहों के कारण टीम का हिस्सा नहीं हैं।
VVS लक्ष्मण के रोल से भी गंभीर को फायदा

BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख VVS लक्ष्मण अपने मौजूदा रोल में बने हुए हैं। ऐसे में टेस्ट टीम के लिए किसी अंतरिम कोच को लाने की पॉसीबिलिटी फिलहाल कम नजर आ रही है। श्रीलंका दौरे के बाद WTC 2025-27 साइकल में भारत की सिर्फ दो टेस्ट सीरीज बाकी रहेंगी। ऐसे में WTC कैंपेन के बीच टेस्ट कोच बदलना BCCI को प्रैक्टिकल फैसला नहीं लगता। यही वजह है कि बोर्ड मौजूदा सेटअप को जारी रखने के फेवर में दिखाई दे रहा है।
क्या 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बने रहेंगे गंभीर?

व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी फिलहाल गौतम गंभीर की सिचुएशन को लेकर कोई बड़ा खतरा नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो BCCI की प्लानिंग उन्हें कम से कम 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम के साथ बनाए रखने की है। इससे साफ है कि बोर्ड फिलहाल खराब नतीजों के बावजूद जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहता। बल्कि नई और युवा टीम को तैयार होने का समय दिया जा रहा है।
हालांकि, गंभीर के लिए आने वाली टेस्ट सीरीज और खासकर WTC 2025-27 कैंपेन बेहद अहम होंगे। अगर टीम इन मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहती है, तो आने वाले समय में उनकी सिचुएशन पर दोबारा सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल BCCI का मैसेज यही है कि गंभीर को समय और पूरा सपोर्ट दिया जाएगा।


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