शतक लगानें के बाद Dhruv Jurel ने टैटू दिखाकर किया सेलिब्रेशन, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?

Summary :

ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शतक पूरा करने के बाद सलाम किया और अपनी बांह पर बने 'जय जवान, जय किसान' टैटू की ओर इशारा किया। यह टैटू उनके दादा की किसान पृष्ठभूमि और पिता की सैन्य सेवा को समर्पित है, जो उनके लिए परिवार और जड़ों की पहचान है। 115 रन की नाबाद पारी के बाद जुरेल का यह सेलिब्रेशन अपनी सफलता को परिवार के नाम करने का भावुक अंदाज रहा।

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने जैसे ही अपना शतक पूरा किया, वैसे ही उनका जश्न सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट फैंस तक चर्चा का विषय बन गया। जुरेल ने पहले मैदान पर सलाम किया और फिर अपनी बांह पर बने टैटू की ओर इशारा किया। उनका यह छोटा-सा सेलिब्रेशन दरअसल उनके परिवार और उनकी जड़ों से जुड़ी एक बेहद खास कहानी बयां करता है।

Dhruv Jurel Tattoo Celebration: बांह पर है ‘जय जवान, जय किसान’ का टैटू

Dhruv Jurel Century Celebration
Dhruv Jurel Century Celebration (Source: Google)

ध्रुव जुरेल की बांह पर ‘जय जवान, जय किसान’ लिखा हुआ है। यह नारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 में दिया था। हालांकि जुरेल के लिए यह सिर्फ एक पॉपुलर नारा नहीं, बल्कि उनके परिवार की पहचान और विरासत से जुड़े इमोशन्स का साइन है। इस टैटू में ‘जवान’ और ‘किसान’ दोनों शब्दों का जुरेल की जिंदगी में खास इम्पोर्टेंस है। उनके दादा किसान थे, जबकि उनके पिता भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। ऐसे में टैटू का ‘किसान’ हिस्सा उनके दादा की मेहनत को और ‘जवान’ उनके पिता की देशसेवा को दर्शाता है।

शतक को परिवार के नाम किया

Dhruv Jurel Dedicate His Century To Family
Dhruv Jurel Dedicate His Century To Family (Source: Google)

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में जुरेल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक लगाया। उन्होंने 171 गेंदों में सेंचुरी पूरी की और 115 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसकी वजह से भारत ने 503/9 के स्कोर पर अपनी पारी डिक्लेयर कर दी। वहीं शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने ड्रेसिंग रूम की तरफ देखा, सलाम किया और अपनी बांह पर बने टैटू की ओर इशारा किया। उनके इस अंदाज से साफ था कि वह अपनी इस खास अचीवमेंट को अपने परिवार और खासकर अपने दादा व पिता को डेडिकेट कर रहे थे।

टैटू में जुड़ी है जुरेल की पहचान

Dhruv Jurel's Identity
Dhruv Jurel’s Identity (Source: Google)

ध्रुव जुरेल का यह टैटू उनकी जिंदगी के उस सफर की याद दिलाता है, जहां से उन्होंने अपनी शुरुआत की। क्रिकेट में लगातार सफलता हासिल करने के बावजूद जुरेल अपनी पारिवारिक जड़ों को नहीं भूले हैं। उनके दादा की किसान के रूप में मेहनत और पिता की सैनिक के तौर पर देशसेवा, दोनों ही उनकी पहचान का अहम हिस्सा हैं। यही वजह है कि शतक के बाद टैटू दिखाने का उनका अंदाज इतना खास बन गया। यह सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं था, बल्कि अपने परिवार, उनकी कुर्बानी और अपनी जड़ों को सम्मान देने का जुरेल का अनोखा तरीका था।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले चार साल से पत्रकारिता के फिल्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं