PSG से लिवरपूल तक: Mamadou Sakho के शानदार फुटबॉल करियर का अंत

Mamadou Sakho Retirement

Mamadou Sakho Retirement: फ्रांस के मशहूर फुटबॉलर Mamadou Sakho ने 35 साल की उम्र में फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। सोमवार को उन्होंने खुद यह जानकारी दी। Sakho काफी समय से किसी क्लब के साथ नहीं खेल रहे थे। जनवरी में उन्होंने जॉर्जिया के क्लब टॉरपीडो कुतैसी को छोड़ा था और उसके बाद से वह मैदान से दूर थे।

Mamadou Sakho Retirement: Football से भरी शुरुआत और पीएसजी तक का सफर

Mamadou Sakho Retirement
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Sakho का फुटबॉल सफर पेरिस से शुरू हुआ। उन्होंने पेरिस सेंट-जर्मेन यानी पीएसजी की Acadmy से ट्रेनिंग ली। छोटी उम्र में ही उन्होंने अपनी मजबूत डिफेंस और जोश से सभी का ध्यान खींचा। पीएसजी में खेलते हुए वह सिर्फ अच्छे खिलाड़ी ही नहीं बने, बल्कि टीम के कप्तान भी बने। यह उनके करियर की बड़ी उपलब्धि थी।

साल 2012-13 में Mamadou Sakho पीएसजी की उस टीम का हिस्सा थे जिसने लीग 1 का खिताब जीता। उस समय वह फ्रांस के सबसे भरोसेमंद डिफेंडरों में गिने जाते थे। हाल ही में जब पीएसजी का फ्रेंच कप मैच पेरिस एफसी के खिलाफ था, तब उन्होंने मैदान पर खड़े होकर अपने करियर को अलविदा कहा। उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहते हैं जिन्होंने उनके सफर में साथ दिया।

Mamadou Sakho Retirement: लिवरपूल से लेकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तक

Mamadou Sakho
Mamadou Sakho

साल 2013 में मामाडू साखो ने इंग्लैंड का रुख किया और लिवरपूल क्लब से जुड़ गए। वहां उन्होंने चार सीजन खेले। लिवरपूल के लिए खेलते हुए साखो ने कई अहम मैचों में मजबूत डिफेंस किया और फैंस के बीच खास पहचान बनाई। उनकी मेहनत और मैदान पर लड़ने का जज़्बा हमेशा दिखता था।

लिवरपूल के बाद वह क्रिस्टल पैलेस गए, जहां उन्होंने कुछ अच्छे सीजन खेले। इसके बाद उन्होंने फ्रांस लौटकर मॉन्टपेलियर के लिए खेला और आखिर में जॉर्जिया के क्लब टॉरपीडो कुतैसी के साथ अपने करियर का आखिरी पड़ाव पूरा किया।

Football
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साखो का करियर शानदार रहा। उन्होंने फ्रांस की राष्ट्रीय टीम के लिए 29 मैच खेले। साल 2014 के फीफा वर्ल्ड कप में वह फ्रेंच टीम का हिस्सा थे। उन्होंने ग्रुप स्टेज के तीनों मैच खेले और जर्मनी के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में भी मैदान पर उतरे। वह मुकाबला फ्रांस 1-0 से हार गया था, लेकिन साखो का प्रदर्शन यादगार रहा।

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