नई दिल्ली : छह बार की विश्व चैम्पियन एम सी मैरी कॉम अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर के लिये महिला मुक्केबाजी ट्रायल्स के 51 किग्रा फाइनल में निकहत जरीन के सामने होंगी। दोनों ने यहां शुक्रवार को अपने पहले दौर के मुकाबलों में सर्वसम्मत फैसले में जीत हासिल की। निकहत जरीन ने यहां ज्योति गुलिया को जबकि कई बार की एशियाई चैम्पियन मैरी कॉम ने रितु ग्रेवाल को मात दी।
ओलंपिक क्वालीफायर के लिये चयन नीति पर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के ढुलमुल रवैये के बाद जरीन ने कुछ हफ्ते पहले छह बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल की मांग कर हंगामा खड़ा कर दिया था। मैरी कॉम ने कहा था कि वह बीएफआई की नीति का पालन करेंगी जिसने अंत में ट्रायल्स कराने का फैसला किया।
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने एक सम्मान समारोह में घोषणा कर हलचल मचा दी थी कि मैरी कॉम को उनके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण बिना किसी ट्रायल के ओलंपिक क्वालीफायर के लिये चुना जायेगा। इससे नाराज जरीन ने उचित मौका दिये जाने की मांग की थी।
अन्य मुकाबलों में विश्व युवा स्वर्ण पदकधारी साक्षी ने 57 किग्रा में एशियाई रजत पदक विजेता मनीषा मौन को हराया जबकि पूर्व राष्ट्रीय चैम्पियन सिमरनजीत कौर ने 60 किग्रा में पवित्रा को शिकस्त दी। दोनों नतीजे सर्वसम्मत रहे। ओलंपिक क्वालीफायर अगले साल फरवरी में चीन में आयोजित किये जायेंगे।
महिला मुक्केबाजी में सभी पांच वर्गों- 51 किग्रा, 57 किग्रा, 60 किग्रा, 69 किग्रा और 75 किग्रा- का फैसला ट्रायल से ही होगा क्योंकि कोई भी मुक्केबाज विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह नहीं बना सकी थी।


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