भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने काफी दिनों बाद विराट कोहली को वनडे की कप्तानी से हटाने के विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। दरअसल विराट कोहली से कप्तानी वापस लेने पर भारतीय क्रिकेट में विवाद शुरू हो गया। इस दौरान रवि शास्त्री ने टेस्ट और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अलग अलग कप्तान रखने का समर्थन करते हुए कहा कि यही सही तरीका है। विराट कोहली भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान हैं, जबकि रोहित शर्मा टी20 और वनडे टीम के कप्तान बनाये गए हैं।

शास्त्री ने अपनी हालिया बातचीत में कहा, मुझे लगता है कि यह तरीका सही है। यह विराट और रोहित दोनों के लिये अच्छा होगा क्योंकि पता नहीं है कि कब तक बायो बबल की जिंदगी जीनी पड़ेगी। एक व्यक्ति अकेले नहीं संभाल सकता। यह आसान नहीं है।

शास्त्री ने कहा कि वह रोहित को बतौर सलामी बल्लेबाज स्थापित करना चाहते थे। मैं जो करना चाहता था, वह मेरे दिमाग में साफ था। मुझे लगता था कि बतौर बल्लेबाज उससे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करा सका तो एक कोच के तौर पर यह मेरी नाकामी होगी क्योंकि वह अपार प्रतिभाशाली है। अब विराट कोहली पूरी तरह से टेस्ट क्रिकेट पर फोकस कर सकते हैं और लंबे वक्त तक टीम की अगुवाई कर सकते हैं। विराट के पास बढ़िया 5-6 साल बचे हैं, ऐसे में वह अपने गेम को लेकर भी विचार कर सकते हैं।

भारत के लिये 80 टेस्ट खेल चुके शास्त्री ने कोहली से अपने संबंधों के बारे में कहा , हम दोनों काफी आक्रामक हैं और जीत के लिये ही खेलना चाहते हैं। हमें बहुत जल्दी अहसास हुआ कि जीतने के लिये 20 विकेट लेने होते हैं और हमने आक्रामक तथा निर्भीक क्रिकेट खेलने का फैसला किया। इसमें कई बार हार भी मिलती है लेकिन एक बार पड़ जाये तो यह आदत संक्रामक है।


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