टीम इंडिया के ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने पिछले दिनों इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की सीरीज में काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया था। शार्दुल ने ओवल टस्ट की दोनों पारियों में 3 विकेट तो चटकाए ही साथ ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी भी की। लेकिन फिर भी इस मुकाबले को इंग्लिश खिलाड़ियों ने अपने नाम कर लिया।

गौरतलब है भारतीय खेमे में कोरोना के कई मामले सामने आने के बाद पांचवें टेस्ट को रद्द कर दिया गया। वहीं भारत टेस्ट सीरीज में 2-1 से आगे था। वहीं शार्दुल ठाकुर ने अब इस बात से पर्दा उठाया है कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में कैसे सुधार किया और इस दौरान किन लोगों ने उनकी इसमें मदद की।

ठाकुर ने अपने हालिया इंटरव्यू में बताया है, दो साल पहले जब मुझे टखने में चोट लगी थी, तब मैंने फैसला किया था कि मुझे अपनी बल्लेबाजी को गंभीरता से लेना होगा। मुझमें वो काबिलियत थी और आगे जाकर मैं निचले क्रम में अपना योगदान देना चाहता था। मैंने अपने आप से कहा कि कुछ भी हो जाए बैटिंग में अच्छा करना ही पड़ेगा। पहले भी मेरे सामने बल्ले से अच्छा करने के मौके आए थे लेकिन मैं उन्हें भुना नहीं पाया। मैंने अपने आप से कहा ऐसा नहीं चलेगा।

मालूम हो भारतीय खेमे में कोरोना महामारी के अचानक केस बढ़ने के बाद बीसीसीआई ने मैनचेस्टर टेस्ट खेलने से इनकार कर दिया था। क्योंकि बोर्ड को कहीं न कही ये चिंता सता रही थी कि यदि वो मैच खेलेंगे तो 19 सितंबर से दुबई में शुरू हो रहे आईपीएल के 14वें सीजन के दूसरे चरण में परेशानी खड़ी हो सकती है।


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