नई दिल्ली : ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधू इस साल अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं लेकिन सफल सत्र का अंत वह बुधवार से शुरू हो रहे दस लाख डालर इनामी दुबई विश्व सुपर सीरीज फाइनल में एक और खिताब के साथ करना चाहती हैं। पिछले साल रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली सिंधू ने इस साल इंडिया ओपन सुपर सीरीज और कोरिया ओपन सुपर सीरीज का खिताब जीता जबकि ग्लास्गो विश्व चैंपियनशिप और हांगकांग ओपन में वह उप विजेता रहीं।
सिंधू ने कहा कि यह मेरे लिए अच्छा साल रहा और मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं। मैंने दो सुपर सीरीज खिताब जीते और एक में उप विजेता रही और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता। मुझे कोई मलाल नहीं है क्योंकि इस सत्र में मैंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। अब मैं उम्मीद करती हूं कि साल का अच्छा अंत हो जो दुबई सुपर सीरीज फाइनल्स होगा, उम्मीद करती हूं कि मैं वहां अच्छा प्रदर्शन करूंगी। पिछले साल दुबई प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंची सिंधू ने कहा, यह आसान नहीं होने वाला क्योंकि सभी शीर्ष खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में खेलेंगी। पहले दौर से ही सभी मैच काफी कड़े होंगे। इसलिए दुबई में अच्छा प्रदर्शन करने से लिए मुझे अच्छी शुरुआत करनी होगी।
बाइस साल की सिंधू इस साल सभी 12 सुपर सीरीज टूर्नामेंट में खेलीं और वह इसका श्रेय अपने ट्रेनिंग सत्र को देती हैं जिसके कारण वह काम के बोझ से निपटने में सफल रही। अक्तूबर-नवंबर में लगातार पांच टूर्नामेंट खेलने वाली सिंधू ने कहा कि ट्रेनिंग काफी अच्छी चल रही है और मुझे प्रत्येक मैच के लिए तैयार रहना होता है। अंतर्राष्ट्रीय सर्किट में परिवर्तन से काम प्रबंधन जरुरी विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने सर्किट में बदलाव किया है और शीर्ष 15 में शामिल खिलाड़ियों के लिए अगले साल कम से कम 12 टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य कर दिया है। अगले साल के कार्यक्रम के बारे में पूछने पर सिंधू ने कहा कि मुझे लगता है कि अगले साल कार्यक्रम काफी व्यस्त होगा और हमें इसी के मुताबित योजना बनानी होगी और टूर्नामेंट में खेलना होगा क्योंकि प्रत्येक टूर्नामेंट महत्वपूर्ण होगा और साथ ही राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट भी होंगे। जिस तरह मैंने काम के बोझ का प्रबंधन किया उससे खुश हूं। यह मेरे लिए अच्छा रहा।


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