Agra Double Murder Case: उत्तर प्रदेश के आगरा में चार साल पुराने डबल मर्डर केस में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। एडीजे-26 अमरजीत सिंह की अदालत ने तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि एक महिला आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला अपनी क्रूरता और योजना के कारण बेहद गंभीर माना गया। यह घटना साल 2022 की है, जब आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र के प्रकाश नगर में रहने वाले गौरव को अपनी पत्नी पूजा पर अवैध संबंध होने का शक था।
इसी शक के चलते उसने अपने पिता मदन और छोटे भाई अभिषेक के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। गौरव को शक था कि उसकी पत्नी पूजा का उसके मौसेरे भाई शिवम के साथ संबंध है। इसी शक ने पूरे परिवार को एक जघन्य अपराध की ओर धकेल दिया। तीनों ने मिलकर दोनों की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
Agra Double Murder Case: कैसे दिया वारदात को अंजाम?
दोषियों ने पहले शिवम को फोन करके अपने पास बुलाया। जब वह वहां पहुंचा, तो तीनों ने उसे गली और सड़क पर दौड़ाया और डंडों से बुरी तरह पीटा। जब शिवम गिर गया, तब उस पर धारदार हथियार से कई वार किए गए। बताया गया कि महज एक मिनट के भीतर उस पर 20 से ज्यादा वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पूजा को भी नहीं छोड़ा गया। उसकी हत्या घर के दरवाजे पर ही कर दी गई।
पुलिस को पूजा का शव घर के बाहर और शिवम का शव गली में मिला। घटनास्थल से खून से सना डंडा भी बरामद हुआ। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिससे घटना की भयावहता साफ दिखाई दी और जांच में महत्वपूर्ण सबूत मिले।
Court Order on Agra Double Murder: कोर्ट का फैसला

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने इसे बेहद गंभीर और क्रूर अपराध माना। कोर्ट ने कहा कि यह हत्या पूरी तरह से योजना बनाकर की गई थी और दिनदहाड़े खुलेआम अंजाम दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर गहरे और कई गंभीर घाव पाए गए, जिससे हमले की बर्बरता साबित हुई। अदालत ने गौरव, मदन और अभिषेक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
महिला आरोपी को राहत
इस मामले में शामिल एक महिला आरोपी को अदालत ने सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया। अदालत का मानना था कि उसके खिलाफ ठोस प्रमाण पेश नहीं किए जा सके, जिससे उसकी भूमिका साबित नहीं हो पाई।
Agra Crime News: अदालत की टिप्पणी
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध “दुर्लभतम” श्रेणी में आता है। हत्या की योजना, उसका क्रियान्वयन और उसमें दिखाई गई क्रूरता इस फैसले का मुख्य आधार रही। न्यायालय ने यह भी कहा कि दोषियों ने कानून की परवाह किए बिना खुलेआम इस वारदात को अंजाम दिया, जो समाज के लिए बेहद खतरनाक संदेश है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।


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