10 लाख फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाने पर काम कर रहा अमेरिका! ट्रंप ने बनाया ये प्लान

Summary :

ट्रम्प का फिलिस्तीनियों को लीबिया भेजने का प्रस्ताव

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में गाजा पट्टी से 10 लाख फिलिस्तीनियों को लीबिया स्थानांतरित करने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रस्ताव पर अमेरिका और लीबिया के बीच चर्चा जारी है और इसके बदले में लीबिया को अरबों डॉलर की आर्थिक सहायता देने की बात है।

America News: अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान, गाजा पट्टी से करीब 10 लाख फिलिस्तीनियों को स्थायी रूप से लीबिया स्थानांतरित करने की योजना पर काम कर रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना की जानकारी रखने वाले दो लोगों और एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह प्रस्ताव गंभीरता से विचाराधीन पर है. वहीं इस मुद्दे पर अमेरिका और लीबिया के नेतृत्व के बीच पहले से ही चर्चा जारी है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अगर यह योजना अमल में लाई जाती है तो इसके बदले में अमेरिका लीबिया को अरबों डॉलर की आर्थिक सहायता देगा. यह सहायता उस फंड से होगी जिसे वर्षों पहले रोक दिया गया था. हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है. इसके साथ ही इजराइल को भी इस योजना के बारे में सूचित किया गया है.

‘अमेरिकी सरकार की सफाई’

वहीं, अमेरिकी प्रशासन ने इस खबर को खारिज करते हुए कहा है कि इस तरह की रिपोर्टें बेबुनियाद हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है. मीडिया को दिए गए बयान में प्रवक्ता ने साफ किया कि अमेरिका की तरफ से ऐसी कोई आधिकारिक योजना नहीं बनाई गई है.

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‘लीबिया में 2011 में हुआ विद्रोह’

बता दें, कि वर्ष 2011 में नाटो द्वारा समर्थित एक विद्रोह के बाद लीबिया भारी संकट और अराजकता में चला गया. इस आंदोलन के दौरान लंबे समय से सत्ता पर काबिज रहे शासक मुअम्मर गद्दाफी को अपदस्थ कर मार दिया गया. गद्दाफी की मृत्यु के बाद, लीबिया पूर्व और पश्चिम में दो प्रमुख प्रशासनों में बंट गया. इन दोनों प्रशासनिक इकाइयों को विभिन्न सशस्त्र मिलिशिया समूहों का समर्थन प्राप्त है, जिससे देश में अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है.

‘बंदरगाहों पर हमले का दावा’

इजराइल ने हाल ही में यमन के दो बंदरगाहों पर हमला किया है. इजराइली सेना का कहना है कि इन बंदरगाहों का उपयोग हूती विद्रोही संगठन हथियारों की तस्करी के लिए कर रहा था. यमनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की जान गई और नौ अन्य घायल हो गए.

‘130 से अधिक लोगों की मौत’

गाजा पट्टी में इजराइल की ओर से किए गए ताजा हमलों में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की मध्य-पूर्व यात्रा के समापन के तुरंत बाद हुए, जिसमें उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के तीन देशों का दौरा किया, लेकिन इजराइल को शामिल नहीं किया.

‘ट्रम्प की अरब देशों से अपील’

जनवरी में डोनाल्ड ट्रम्प ने सुझाव दिया था कि जॉर्डन, मिस्र और अन्य अरब देश गाजा से विस्थापित फिलिस्तीनियों को शरण देने के लिए तैयार हों. उन्होंने कहा था कि गाजा अब एक बर्बादी का मैदान बन चुका है और वहां के लोगों को बेहतर भविष्य के लिए दूसरी जगह बसाया जाना चाहिए.

ट्रम्प ने यह भी कहा कि वह कुछ अरब देशों के साथ मिलकर ऐसे स्थानों की पहचान करना चाहेंगे जहां फिलिस्तीनी लोग शांति और स्थायित्व के साथ नया जीवन शुरू कर सकें. उनका मानना था कि यह संघर्ष खत्म करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम हो सकता है.

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।