फ्लैग फाउंडेशन के उत्सव में और निखरी तिरंगे की शान, दृष्टिबाधित महिला क्रिकेटरों का सम्मान

Chattisgarh News Update

Chattisgarh News Update: भारतीय तिरंगे को हर नागरिक तक पहुंचाने की ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई की वर्षगांठ पर, फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एफएफओआई) ने एक विशेष और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। नई दिल्ली स्थित जिन्दल हाउस में आयोजित इस समारोह में भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला जब एफएफओआई के अध्यक्ष श्री नवीन जिन्दल ने इस महिला टीम के साथ मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच खेला। टीम की ऊर्जा और कौशल की सराहना करते हुए श्री जिन्दल ने कहा, “तिरंगा हमारी एकता का प्रतीक है। आज इन एथलीटों का सम्मान करते हुए हम यह संदेश देना चाहते हैं कि राष्ट्रीय ध्वज हर भारतीय का है और यह हमें हर बाधा को पार कर उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा देता है।”

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यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि भारतीय नागरिकों को गर्व से तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाने वाले सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की 22वीं वर्षगांठ का भी उत्सव था। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज आंदोलन के महत्वपूर्ण पड़ावों को याद किया गया:

  •  दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के 30 वर्ष।
  •  संसदीय संशोधन के दो दशक।
  •  देशभर में लद्दाख से पोर्ट ब्लेयर और कच्छ से इंफाल तक 200 स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वजों की स्थापना।
  • इस गरिमामयी समारोह में राजनीति, न्यायपालिका और रक्षा क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं:
  •  अतिथि: दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और राजनेता यशोधरा राजे सिंधिया।
  •  न्यायिक जगत: पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी.एन. खरे, न्यायमूर्ति यू.यू. ललित और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरी रासगोत्रा।
  •  रक्षा एवं अन्य: पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल सुहास, जनरल बिपिन बख्शी और श्री राजीव प्रताप रूडी।
  •  मेजबान: श्रीमती सावित्री जिन्दल और श्रीमती शालू जिन्दल भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
  • फ्लैग फाउंडेशन ने अपने आगामी लक्ष्यों को साझा करते हुए संकल्प लिया कि:
  •  23 जनवरी को आधिकारिक तौर पर ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ के रूप में मान्यता दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।
  •  स्कूली बच्चों में ध्वज के प्रति शिक्षा और सम्मान का प्रसार किया जाएगा।
  •  पुराने या खराब हो चुके ध्वजों के सम्मानजनक नवीनीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

नवीन जिन्दल और श्रीमती शालू जिन्दल द्वारा स्थापित यह एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य तिरंगे के उपयोग को लोकतांत्रिक बनाना और हर भारतीय के मन में राष्ट्रवाद और गौरव की भावना को जगाना है।

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