Shankaracharya Avimukteshwaranand: प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित सेक्टर-4, त्रिवेणी मार्ग पर शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में असामाजिक तत्वों ने जबरन प्रवेश कर हंगामा किया। आरोप है कि कुछ लोग लाठी-डंडे और झंडे लेकर शिविर के अंदर घुस आए और आक्रामक नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच हुई घटना
खबरों के अनुसार, यह घटना 24 जनवरी 2026 को शाम करीब 6:30 बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। शिविर के भीतर मौजूद संतों, सेवकों और श्रद्धालुओं के बीच दहशत का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि हालात इतने गंभीर हो गए थे कि किसी भी समय मारपीट की आशंका थी।
सेवकों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी
शिविर में मौजूद सेवकों और कार्यकर्ताओं ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए उपद्रव कर रहे लोगों को शांतिपूर्वक बाहर निकाल दिया। उनकी तत्परता के कारण कोई बड़ी घटना होने से बच गई। हालांकि, घटना के दौरान शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं में काफी भय देखा गया।
श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच हुई घटना से सुरक्षा पर सवाल
बताया जा रहा है कि घटना के समय शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शिविर के बाहर श्रद्धालुओं के बीच शांतिपूर्वक विराजमान थे और बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे। ऐसे संवेदनशील समय में इस तरह की घटना ने संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन को सौंपी गई लिखित शिकायत
घटना के बाद शिविर प्रबंधन की ओर से मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी गई है। शिकायत में अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
स्थायी पुलिस तैनाती की मांग
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शिविर और आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि आगे कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के बाद से माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संत समाज और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से कड़े सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।





















