छत्तीसगढ़ सरकार के समाज कल्याण सचिव भुवनेश यादव से मिले रवि किरण! दिव्यांग सशक्तिकरण पर दिया जोर

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Chhattisgarh News: UNICEF द्वारा ‘ग्लोबल यूथ इनोवेटर’ से सम्मानित 21 वर्षीय युवा उद्यमी रवि किरण ने छत्तीसगढ़ सरकार के समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव से मुलाकात की। रवि ‘एलियन इनोवेशंस’ नामक स्टार्टअप के संस्थापक हैं। इस दौरान उनके साथ उनकी टीम की सदस्य हर्षिता भी मौजूद थीं, जो कंपनी में ऑपरेशंस और पार्टनरशिप का काम संभालती हैं। खास बात यह है कि दोनों युवा अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ समाज के लिए उपयोगी तकनीक विकसित कर रहे हैं।

Chhattisgarh News: बैठक का उद्देश्य, दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना

इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन को आसान और स्वतंत्र बनाना था। रवि और उनकी टीम ने ऐसे आधुनिक उपकरण विकसित किए हैं, जो खास तौर पर दृष्टिबाधित और श्रवण-बाधित लोगों की मदद करते हैं। इन उपकरणों के जरिए दिव्यांगजन बिना किसी सहारे के अपने रोजमर्रा के काम आसानी से कर सकते हैं।

‘नेविनॉट’: दृष्टिबाधितों के लिए नई राह

बैठक में रवि किरण ने ‘नेविनॉट’ (Navinaut) नाम का एक खास उपकरण (Special Equipment)  प्रस्तुत किया। यह एक टॉर्च के आकार का छोटा और पोर्टेबल डिवाइस है, जिसे दृष्टिबाधित लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। यह डिवाइस रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचानकर यूजर को वाइब्रेशन के जरिए अलर्ट देता है। इसमें एडवांस्ड LiDAR सेंसर का उपयोग किया गया है, जिससे व्यक्ति बिना छड़ी के भी सुरक्षित तरीके से चल सकता है। यह तकनीक उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाती है और उनकी सुरक्षा भी बढ़ाती है।

‘साइनएक्स’: संवाद को आसान बनाने की तकनीक

इसके अलावा, ‘साइनएक्स’ (SignX) नाम का एक और उपकरण भी पेश किया गया। यह एक स्मार्ट एआई आधारित डिवाइस है, जो मूक-बधिर लोगों के लिए बनाया गया है। यह उपकरण सांकेतिक भाषा को पहचानकर उसे तुरंत आवाज में बदल देता है। साथ ही, सामने वाले व्यक्ति की बातों को टेक्स्ट के रूप में स्क्रीन पर दिखाता है। इस तकनीक की सटीकता करीब 97.6 प्रतिशत बताई गई है, जिससे बिना किसी दुभाषिए के संवाद करना आसान हो जाता है।

सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया

समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव ने इन तकनीकों की सराहना की और इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने इन उपकरणों को सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में उपयोग करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

समावेशी समाज की ओर एक कदम

यह बैठक इस बात का उदाहरण है कि जब तकनीक और सरकारी प्रयास साथ आते हैं, तो समाज में बड़ा बदलाव संभव होता है। ऐसे नवाचार दिव्यांग समुदाय के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और समान अवसरों वाला वातावरण तैयार करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

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