Donald Trump Cuba Plan: मिडिल ईस्ट में भीषण बमबारी और हवाई हमले जारी है। US-इजरायल ने मिलकर ईरान के कई शहर तबाह कर दिए है जिसमें सुप्रीम खामेनेई समेत हजारों लोगों की मौत हो गई है। इसी बीच ट्रंप ने अब अपने अगला निशाना तय कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ प्रगति हो रही है और विदेश नीति से जुड़े मौजूदा मुद्दों से निपटने के बाद क्यूबा को लेकर नई पहल की जा सकती है। बता दें कि व्हाइट हाउस में मेजर लीग सॉकर की चैंपियन टीम इंटर मियामी के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने क्यूबा देश को लेकर बा कही है।
US Next Target Cuba: क्यूबा पर ट्रम्प की नजर

इस दौरान उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तारीफ भी की और क्यूबा का जिक्र करते हुए कहा कि मार्को, आप शानदार काम कर रहे हैं और क्यूबा नाम की जगह पर भी आपने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने संकेत दिया कि क्यूबा से जुड़ी कुछ नई बातें जल्द सामने आ सकती हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अमेरिकी प्रशासन दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान दे रहा है।
इस समय अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान में शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि पहले इस मुद्दे को पूरा करना जरूरी है, लेकिन इसके बाद क्यूबा को लेकर भी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ समय की बात है, जब कई लोग क्यूबा की ओर फिर से जा सकते हैं।
Donald Trump on Iran War: ईरान इस्राइल युद्ध पर ट्रम्प का बयान

हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि उनकी सरकार क्यूबा को लेकर कौन से ठोस कदम उठा सकती है। लेकिन उनके बयान से यह संकेत जरूर मिला कि वाशिंगटन की नीति में कुछ बदलाव संभव है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका में रहने वाले कई लोगों का क्यूबा से अभी भी गहरा संबंध है और भविष्य में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना है। कार्यक्रम के दौरान जॉर्ज मास ने अपने परिवार की कहानी और अमेरिका में क्यूबा से आए लोगों के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता आजादी की तलाश में क्यूबा छोड़कर अमेरिका आए थे।
Donald Trump Cuba Plan

ट्रंप ने यह भी कहा कि कई लोग जो दशकों पहले क्यूबा छोड़कर चले गए थे, वे भविष्य में वहां वापस जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उम्मीद है कि वे वहां बसने के लिए नहीं जाएंगे। बता दें कि अमेरिका और क्यूबा के संबंध पिछले कई दशकों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। 1959 में फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में हुई क्यूबा की क्रांति के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने क्यूबा पर व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे, जिनमें से कई आज भी लागू हैं।
ALSO READ: भारत से लौट रहा था ईरानी युद्धपोत, अमेरिका ने हमला कर हिंद महासागर में डुबोया, 87 की मौत, कई लापता













