Galgotia AI Course Fees Controversy : अब AI Impact Summit 2026 की जितनी चर्चा इसके भारत में होने और इसके ग्लोबल स्केल के होने की नहीं हो रही, उससे ज्यादा चर्चा गलगोटिया के विवाद के चलते होंगे लगी है।
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है. इसे लेकर खूब भद पिट रही है। यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसने चीन में बने एक रोबोटिक डॉग को अपना खुद का आविष्कार बताकर पेश किया था, जिसके बाद उसे समिट छोड़कर जाना पड़ा.

डीडी न्यूज को दिए अपने एक इंटरव्यू में यूनिवर्सिटी की तरफ से आई एक प्रतिनिधि ने AI पर यूनिवर्सिटी के खर्च का विवरण साझा किया था, जिसमें बताया गया कि उन्होंने सबंधित एआई डॉग को बनाने में 350 करोड़ रुपए तक खर्च किए। जिसके बाद विवाद बढ़ता ही गया।
Galgotia AI Course Fees Controversy : कितनी है फीस
इस विवाद के बीच यूनिवर्सिटी के एआई कोर्स की फीस भी चर्चा का विषय बनी हुई है. news24 की रिपोर्ट के अनुसार गलगोटिया यूनिवर्सिटी में एआई के बैचलर कोर्स की फीस लगभग 11 लाख रुपये तक है. अगर इसमें रहने और खाने का खर्च जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा 15 लाख रुपये के पार निकल जाता है.
गलगोटिया की वेबसाईट पर फीस स्ट्रक्चर के अलग अलग हिसाब दिए हुए हैं, बीटैक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ) की फीस 1 लाख 15 हजार के आसपास हैं, वहीं मशीन लर्निंग की भी 1 लाख 15 हजार के आसपास है।
Galgotias University : महंगी है फीस

एआई आज की जरूरत बनती जा रही है जिसे देखते हुए कई यूनिवर्सिटी अपने संस्थान में AI से संबंधित पढ़ाई करवाने लगे हैं, कई जगह इस कोर्स की फीस ढाई लाख तक है, जैसे एमिटी यूनिवर्सिटी में बीटेक एआई प्रोग्राम की फीस लगभग 2.9 लाख रुपये प्रति सेमेस्टर है, जो पूरे कोर्स के लिए 11.6 लाख रुपये तक पहुंच जाती है.
इसी तरह शारदा यूनिवर्सिटी में एआई और मशीन लर्निंग के बीटेक कोर्स की सालाना फीस करीब 3.38 लाख रुपये है, जिसका कुल खर्च 13.5 लाख रुपये तक आता है. फीस के बढ़ते स्तर को देखते हुए वर्कफोर्स को एआई के लिए तैयार करना एक बहुत बड़ी चुनौती नजर आ रही है.
AI Impact Summit 2026 : आईटी फील्ड में AI की डिमांड

बता दें आईटी कंपनियां AI का इस्तेमाल पर जोर दे रही हैं जिस कारण यह आज की जरूरत बन गई है। ऐसे में शिक्षण संस्थान में भी AI की पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है।
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