Holi Bhai Dooj Puja Vidhi: होली के बाद आने वाला भाई दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतिक है। इस साल यह पर्व 5 मार्च यानी आज गुरुवार को मनाया जाएगा, इसे भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और खुशियों को बढ़ाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन यमुना जी ने अपने भाई यमराज को तिलक करके भोजन कराया था, जिससे खुश होकर यमराज ने बहनों को सुख-समृद्धि और भाइयों को लंबी उम्र का वरदान दिया था। तो आइए इस लेख में होली भाई दूज की पूजा विधि के बारे में जानते हैं।
Bhai Dooj Tilak Muhurat: तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त

आज सुबह से लेकर शाम 5 बजकर 30 मिनट तक भाई को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त है। इस अवधि में बहनें अपने भाइयों का तिलक कर सकती हैं।
Bhai Dooj Puja Samagri List: भाई दूज पूजा सामग्री
- रोली या कुमकुम
- चावल (अक्षत)
- दीपक और घी या तेल
- नारियल
- मिठाई
- फूल और माला
- पान-सुपारी
- आरती की थाली
- कलावा (मौली)
- सूखा नारियल
Holi Bhai Dooj Tilak Vidhi for Brother: होली भाई दूज की तिलक विधि

- होली भाई दूज पर सबसे पहले घर के उत्तर-पूर्व कोने या पूजा स्थान पर आटा या रंगोली के कलर से छोटा चौक बनाएं।
- तिलक करते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर और बहन का मुख पश्चिम की ओर होना चाहिए।
- एक साफ थाली में दीपक, रोली, अक्षत, फूल, सूखा नारियल का गोला और मिठाई-फल को रख लें।
- भाई को तिलक लगाकर अक्षत लगाएं।
- भाई को तिलक लगाते समय उसकी लंबी उम्र की कामना करें और उसे मिठाई खिलाएं।
- भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर, उसे सूखा नारियल का गोला दें।
- इसके बाद दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें और मिठाई खिलाएं।
Holi Bhai Dooj 2026: भाई दूज की आरती का मंत्र
भाई की आरती के दौरान ‘ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता’ गाएं, क्योंकि यह दिन यमुना-यमराज के स्नेह का प्रतीक है।






















