Indian Dietetics Day: पीजीआईएमईआर के आहार विज्ञान विभाग और अस्पताल प्रशासन द्वारा आज ‘भारतीय आहार विज्ञान दिवस’ के अवसर पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ भारत के लिए मोटापे पर नियंत्रण – पोषण विज्ञान पेशेवरों की ओर से एक एक्शन कॉल’ पर केंद्रित रही। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मोटापे के कारणों और इससे जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूकता फैलाना और वजन प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों को साझा करना था।
Indian Dietetics Day

मुख्य अतिथि प्रो. संजय जैन (डीन रिसर्च, पीजीआई) ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि संतुलित आहार और संयम ही स्वस्थ शरीर और सफल डाइट प्लान की असली कुंजी है। विशिष्ट अतिथि प्रो. विपिन कौशल (मेडिकल सुपरिटेंडेंट) ने खान-पान के चयन में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने यानी ‘वोकल फॉर लोकल’ दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार (एएमएस) भी मौजूद रहे।
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आहार विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. नैंसी साहनी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सचेत होकर भोजन करना (Conscious eating) और शरीर की जैविक घड़ी (Circadian rhythm) के अनुसार खान-पान में बदलाव करने से मोटापे को न केवल रोका जा सकता है, बल्कि इसे रिवर्स भी किया जा सकता है। उन्होंने लंबी अवधि तक वजन नियंत्रित रखने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी।
विशेषज्ञ वक्ता प्रो. राजेश गुप्ता और प्रो. संजय भददा ने बताया कि मोटापा किस तरह मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने इसके उपचार के लिए सर्जिकल और मेडिकल विकल्पों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान डाइटेटिक्स इंटर्न्स ने एक लघु नाटिका के माध्यम से स्वास्थ्य का संदेश दिया। इस कार्यशाला में लगभग 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
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