इंदौर में मिले 500 रुपए की 566 गड्डियों वाले 3 लावारिश बैग, जांच में क्या आया सामने?

Summary :

Indor Fake Note Case : 7 मई को मध्य प्रदेश के इंदौर में लावारिस हालत में 3 संदिग्ध बैग मिले हैं. बताया जा रहा है कि इन बैगों में 500 रुपये के नोट जैसे आकार वाली 566 गड्डियां बरामद की गईं. इसकी जांच में सामने आया कि इन नोटों में से 84 नोट ही असली पाए गए. पुलिस को मामले की सूचना मिलते ही, उन्होंने तीनों बैग जब्त कर लिए. बैग में 500 रुपए की 566 गड्डियां मामला इंदौर के सांवेर थाना क्षेत्र का है. सूचना के मुताबिक एक व्यक्ति की नजर खेत में रखे तीन संदिग्ध बैगों पर पड़ी,…

Indor Fake Note Case : 7 मई को मध्य प्रदेश के इंदौर में लावारिस हालत में 3 संदिग्ध बैग मिले हैं. बताया जा रहा है कि इन बैगों में 500 रुपये के नोट जैसे आकार वाली 566 गड्डियां बरामद की गईं. इसकी जांच में सामने आया कि इन नोटों में से 84 नोट ही असली पाए गए. पुलिस को मामले की सूचना मिलते ही, उन्होंने तीनों बैग जब्त कर लिए.

बैग में 500 रुपए की 566 गड्डियां

मामला इंदौर के सांवेर थाना क्षेत्र का है. सूचना के मुताबिक एक व्यक्ति की नजर खेत में रखे तीन संदिग्ध बैगों पर पड़ी, मगर काफी देर तक कोई बैग लेने नहीं आया तो, उसने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी. उसने बताया कि इंदौर-उज्जैन राजमार्ग पर उसके खेत के पास तीन संदिग्ध बैग पड़े हैं.

मौके पर पहुंची पुलिस ने बैग खोले, तो उनमें कुल 566 गड्डियां मिलीं जो 500 रुपये के नोट के आकार की थीं. यह बड़ा दिलचस्प है कि इसे जालसाजी के लिए प्लांट किया गया लगता है. इनमें से अधिकांश गड्डियों में ऊपर से 500 रुपए के नोट रखे गए थे बाकी नीचे सारे नोट नकली थे. यह घटना किसी फ़िल्मी सीन जैसा बन गया.

566 गड्डियों में 500 रुपये के कुल 84 असली नोट

विज्ञप्ति के मुताबिक 133 गड्डियां ऐसी थीं जिनमें केवल सादा कागज था, लेकिन उनके किनारों पर 500 रुपये के नोट जैसा रंग लगाया गया था. यानी जिसने भी यह नोट छोड़े उसने पूरी प्लानिंग के साथ नोटों को रखा था. पहली नजर में यह किसी प्लान का हिस्सा दिखाई देता है. जांच के दौरान 566 गड्डियों में 500 रुपये के कुल 84 असली नोट मिले जिनकी कुल कीमत 42,000 रुपये है. पुलिस को संदेह है कि ये गड्डियां किसी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए तैयार की गई थीं.

ग्रामीण एडिशनल एसपी रूपेश कुमार द्विवेदी ने बताया है कि पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है. साथी ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह बैग कब और किसने रखे हैं और किस चीज को अंजाम देने की कोशिश की जा रही थी.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।