मुस्लिम देश होकर भी Iran को नहीं Pakistan पर भरोसा, हवाई हमले के डर से इस्लामाबाद भजे कई नकली विमान! देखते रह गए JD Vance

Summary :

Iran Fake Aircraft Pakistan Fear: पाकिस्तान आतंकवाद के गढ़ के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि मुस्लिम देश भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करते। ईरान और इजरायल-अमेरिका जंग रुकवाने का पूरा श्रेय भले ही खुद ले रहा है, लेकिन इसकी असलियत कुछ और ही है। इतना ही नहीं यह मुल्क भले ही अमेरिका के साथ ईरान की शांति वार्ता का खुद को केंद्र बनाने का कई दावा कर रहा है, लेकिन सच्चाई कुछ और निकल कर सामने आ रही है। Iran Fake Aircraft Pakistan Fear: ईरान को हवाई हमले का डर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को…

Iran Fake Aircraft Pakistan Fear: पाकिस्तान आतंकवाद के गढ़ के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि मुस्लिम देश भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करते। ईरान और इजरायल-अमेरिका जंग रुकवाने का पूरा श्रेय भले ही खुद ले रहा है, लेकिन इसकी असलियत कुछ और ही है। इतना ही नहीं यह मुल्क भले ही अमेरिका के साथ ईरान की शांति वार्ता का खुद को केंद्र बनाने का कई दावा कर रहा है, लेकिन सच्चाई कुछ और निकल कर सामने आ रही है।

Iran Fake Aircraft Pakistan Fear: ईरान को हवाई हमले का डर

Iran Fake Aircraft Pakistan Fear
Iran Fake Aircraft Pakistan Fear (Source: Social Media)

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को पाकिस्तान में जाने से पहले भी डर लग रहा था। ईरान खुद एक मुस्लिम देश है फिर भी उसे पाकिस्तान से डर लग रहा है। पाक के हवाई हमले का डर भी साफ़ तौर पर ईरान को सता रहा था। इसलिए बताया जा रहा है कि ईरान ने अपने डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद के लिए कई नकली हवाई जहाज भेजे, जिनमें से सिर्फ एक में ही डेलिगेशन सवार थे।

बता दें कि ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो हाल ही में ईरानी सरकार में बड़े अधिकारी के तौर पर चुने गए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

Iran Fake Aircraft Pakistan Fear: मासूम बच्चों की तस्वीरों के जरिए दुनिया को संदेश

बता दें कि इस्लामाबाद जाते वक्त गालिबफ ने अपने जहाज की अगली पंक्तियों को बिल्कुल खाली छोड़ा। इन खाली सीटों पर ईरान के मीनाब स्कूल स्ट्राइक में मारे गए उन मासूम बच्चों और पीड़ितों की तस्वीरें रखी, जिनकी मौत अमेरिका-इजरायल हमले में हुआ। इतना ही नहीं मृतक बच्चों का सामान (स्कूल बैग, जूते, कपड़े) रखे गए, जो खून से लथपथ थे। इस विजुअल स्टेटमेंट के माध्यम से पूरी दुनिया को ईरान ने एक संदेश दिया है। ईरान के संदेश के मुताबिक, यह बताया गया है कि ईरान बाततचीत की टेबल पर सिर्फ एक देश के तौर पर नहीं, बल्कि अपने उन निर्दोष नागरिकों के दर्द और पीड़ा के साथ जा रहा है जिन्होंने इस जंग की कीमत चुकाई है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।