Iran Targets US Bases: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने एक बार फिर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं। हाल ही में ईरान की ओर से तुर्किये में स्थित एक अहम एयरबेस पर मिसाइल दागे जाने की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
Iran Targets US Bases: तुर्किये के इंसर्लिक एयरबेस की ओर दागी गई मिसाइल
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने तुर्किये के इंसर्लिक एयरबेस की दिशा में मिसाइल दागी। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की है और बताया है कि मामले को लेकर ईरान से संपर्क भी किया जा रहा है। इंसर्लिक एयरबेस नाटो के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है और यहां अमेरिका की सैन्य मौजूदगी भी है।
खास बात यह है कि इस एयरबेस पर अमेरिका के टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार भी तैनात बताए जाते हैं। इसलिए इस हमले की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि नाटो की एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय रही और मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया।
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमले का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने ओमान सागर में मौजूद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि मिसाइल हमले के बाद यह युद्धपोत पीछे हटने पर मजबूर हो गया। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का कोई सफल हमला नहीं हुआ है और जहाज सुरक्षित है। इस दावे और जवाब के बीच सच्चाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
तीन नाटो ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान ने एक साथ कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के अनुसार तीन नाटो से जुड़े ठिकानों की ओर मिसाइलें दागी गईं। इसके अलावा दुबई की दिशा में भी हमले की खबर सामने आई है। इन हमलों के बाद अमेरिका ने यूरोप में तैनात अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मिडिल ईस्ट में भेजना शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि अमेरिका इस स्थिति को बेहद गंभीर मान रहा है और किसी भी संभावित हमले से निपटने की तैयारी कर रहा है।
नाटो एयर डिफेंस ने मिसाइल को किया नष्ट
ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल पूर्वी मेडिटेरेनियन क्षेत्र में नष्ट कर दी गई। नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने इसे समय रहते ट्रैक किया और हवा में ही नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया। इसी बीच खबरें यह भी हैं कि ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों के ठिकानों पर जवाबी हमले किए गए हैं। इराक में भी अमेरिकी ड्रोन के जरिए हमले की सूचना सामने आई है।
नाटो की सैन्य तैयारी तेज
तनाव बढ़ने के बीच नाटो ने अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। अमेरिका की ओर से ईरान के ठिकानों पर भी जवाबी हमले किए गए हैं। बताया जा रहा है कि तेहरान के वरमिन इलाके और पूर्वी तेहरान स्थित कमांड सेंटर पर स्ट्राइक की गई है। इसके साथ ही यूरोप में भी सैन्य अभ्यास बढ़ा दिए गए हैं। जर्मनी ने बड़े पैमाने पर सैन्य ड्रिल शुरू की है, जिसमें घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने यानी मेडिकल इवैक्युएशन की तैयारी की जा रही है।
लिथुआनिया से लेकर जर्मनी तक चल रहा यह अभ्यास काफी बड़ा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा मेडिकल इवैक्युएशन अभ्यास है। इससे साफ है कि नाटो किसी बड़े संघर्ष की आशंका को देखते हुए अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।
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