Iran Turkiye Missile Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग ने अब और आक्रमक रूप ले लिया है। दरअसल इस जंग में अब तुर्की ने भी एंट्री ले ली है। इसके साथ ही ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्यसागर में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। वहीं तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे कदम क्षेत्र की सुरक्षा और आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। तुर्की ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर उसकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया तो देश अपनी सुरक्षा के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के जरूरी कार्रवाई करेगा।
Iran Turkiye Missile Conflict: उत्तरी साइप्रस में तुर्की की सैन्य तैनाती
मिसाइल इंटरसेप्शन से पहले ही तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी थी। तुर्की ने यहां छह F-16 फाइटर जेट और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। दरअसल, उत्तरी साइप्रस पर तुर्की का नियंत्रण है और उसे आशंका है कि ईरान या उसके समर्थक संगठन इस क्षेत्र को निशाना बना सकते हैं। इसी वजह से तुर्की ने पहले ही अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी थीं। तुर्की का कहना है कि अगर उत्तरी साइप्रस पर हमला हुआ तो उसका जवाब भी उतना ही सख्त होगा। ऐसी स्थिति में यह संघर्ष पश्चिम एशिया से निकलकर पूर्वी भूमध्यसागर तक फैल सकता है।
साइप्रस पर ड्रोन हमले से बढ़ा तनाव
1 मार्च को हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने लेबनान से ईरानी शाहेद-136 ड्रोन लॉन्च किए। ये ड्रोन साइप्रस के दक्षिणी हिस्से में स्थित ब्रिटिश RAF अक्रोटिरी एयर बेस के पास जाकर गिरे। ड्रोन हमले के कारण कई विस्फोट हुए और इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। यह यूरोपीय संघ के सदस्य देश साइप्रस पर पहला बड़ा हमला माना जा रहा है। तुर्की ने इस घटना को क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का संकेत बताया और अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया।
नाटो सदस्य तुर्की ने दी चेतावनी
तुर्की, जो कि नाटो का सदस्य है, पहले से ही ईरान के साथ राजनीतिक और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा रखता है। तुर्की ने ईरान को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसके हवाई क्षेत्र के आसपास किसी भी तरह की मिसाइल गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र में हालिया घटनाओं को देखते हुए उत्तरी साइप्रस में फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की गई है। यह कदम वहां की सुरक्षा को मजबूत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।
ग्रीस ने भी बढ़ाई सैन्य तैयारी
सिर्फ तुर्की ही नहीं, बल्कि ग्रीस ने भी हालात को देखते हुए साइप्रस के दक्षिणी हिस्से में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। ग्रीस ने पाफोस एयर बेस पर चार F-16 फाइटर जेट तैनात किए हैं। 4 मार्च को ग्रीस के फाइटर जेट्स ने दो ईरानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इसके अलावा ग्रीस ने अपने एक अत्याधुनिक युद्धपोत को भी इस इलाके में भेजा है।
पूर्वी भूमध्यसागर बन सकता है नया संघर्ष क्षेत्र
एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैलता जा रहा है। अब पूर्वी भूमध्यसागर का छोटा सा द्वीप साइप्रस भी इस टकराव का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो यह जंग केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यूरोप के करीब स्थित इस समुद्री इलाके को भी अपनी चपेट में ले सकती है।
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