Iran-US Tensions: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने इजरायल और अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका की रणनीति पूरी तरह साफ है। उनका मकसद ईरान की संप्रभुता को कमजोर करना, देश को अस्थिर करना और उसके बड़े तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने हालिया हमलों के जरिए अंतरराष्ट्रीय नियमों और कूटनीतिक परंपराओं का उल्लंघन किया है। बघाई के मुताबिक इन हमलों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है और शांति की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है।
Iran-US Tensions: कूटनीतिक बातचीत के दौरान हुआ हमला
इस्माइल बघाई ने कहा कि जिस समय ईरान कूटनीतिक बातचीत में शामिल था, उसी दौरान उस पर हमला किया गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई चल रही वार्ताओं को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने किसी तरह की लड़ाई शुरू नहीं की थी, बल्कि उस पर जबरन हमला किया गया। बघाई के मुताबिक अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को अब 11 दिन हो चुके हैं और इस पूरे समय में ईरान का मुख्य ध्यान अपनी सुरक्षा पर रहा है।
हमले जारी रहे तो बातचीत संभव नहीं
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि जब तक सैन्य हमले बंद नहीं होते, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता या युद्धविराम पर चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता अपने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और देश की संप्रभुता की रक्षा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बघाई के अनुसार ईरान अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर हर चुनौती का सामना करेगा।
मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर
इसी बीच ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता बनाया गया है। उनके चयन के बाद ईरान के खुफिया मंत्रालय सहित कई संस्थानों ने उनके प्रति निष्ठा की शपथ ली है।
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने लिया फैसला
ईरान के संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने सर्वसम्मति से मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया। इस फैसले की जानकारी अली खामेनेई के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा की गई। पोस्ट में कहा गया कि अल्लाह मोजतबा खामेनेई की रक्षा करे और अब देश के धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी उनके हाथों में होगी।
क्या है असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स?
‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ईरान का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक निकाय है। इसका मुख्य काम देश के सर्वोच्च नेता का चयन करना, उनके कामकाज की निगरानी करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें पद से हटाना है। इस संस्था में कुल 88 इस्लामी विद्वान और न्यायविद शामिल होते हैं।
इन सदस्यों का चुनाव जनता द्वारा आठ साल के लिए किया जाता है, हालांकि उनके नामों को पहले गार्डियन काउंसिल की मंजूरी मिलती है। ईरान में सुप्रीम लीडर का पद बेहद शक्तिशाली माना जाता है और देश की राजनीतिक तथा धार्मिक दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका होती है।
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