Iran US Tensions : इसी चर्चा के बीच टस्क ने ये अपील की है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ईरान में मौजूद पोलिश नागरिकों को तुरंत निकल जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि हथियारों से लैस लड़ाई की आशंका के कारण कुछ ही घंटों में निकलना मुमकिन नहीं होगा।
Iran US Tensions : “प्लीज तुरंत ईरान छोड़ दें…”

टस्क ने कहा, “प्लीज तुरंत ईरान छोड़ दें… और किसी भी हालत में इस देश में न जाएं।” वारसा के पास जिलोंका शहर में मीडिया से उन्होंने कहा, “मैं किसी को डराना नहीं चाहता, लेकिन हम सब जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं। लड़ाई की आशंका है।”
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि “कुछ या बहुत ज्यादा घंटों में लोगों को निकालना मुमकिन नहीं हो पाएगा।” उन्होंने पोलैंड के लोगों से चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की।
पोलैंड की सरकार ने इस बारे में डिटेल नहीं दी है कि अभी कितने पोलिश नागरिक ईरान में हैं। विदेश मंत्रालय से आगे गाइडलाइंस जारी करने की उम्मीद है।
टस्क ने कहा, “हमारे अनुभव बुरे रहे हैं। कुछ लोग ऐसी अपीलों को कम आंकते हैं।”
Iran US War : अमेरिका की बड़ी फोर्स तैनात

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व में अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद अपनी सबसे बड़ी एयर फोर्स तैनात की है। वह हमला, जिससे आठ साल से ज्यादा समय तक चला एक खतरनाक युद्ध शुरू हुआ, उसे “शॉक एंड ऑ” (सदमे और डर) बमबारी कैंपेन कहा गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एफ-35, एफ-22, एफ-15 और एफ-16 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की कई स्क्वॉड्रन तैनात की हैं। बड़े पैमाने पर एयर ऑपरेशन के लिए जरूरी कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं। हाल के हफ्तों में एयर डिफेंस सिस्टम भी इलाके में लगाए गए हैं।
Iran US Nuclear Talks : बड़ी योजना की तैयारी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट दावा करती है कि अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई करता है तो यह कई हफ्तों तक चलने वाला बड़ा ऑपरेशन होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पिछले महीने वेनेजुएला में हुई सीमित कार्रवाई से कहीं बड़ा होगा और संभव है कि इसे इजरायल के साथ मिलकर अंजाम दिया जाए। इसका निशाना ईरान का परमाणु और मिसाइल ढांचा हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं। अमेरिका-ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत का अब तक कोई खास नतीजा नहीं निकला है।
ईरान अपनी बात पर कायम
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को दोहराया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर करने वाला ईरान शांतिपूर्ण मकसद के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा, और कहा कि तेहरान इस अधिकार से कोई समझौता नहीं करेगा।



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