Israel vs Iran : सिर्फ बम नहीं, अब साइबर हथियार भी… ईरानी TV चैनल हुए हैक, चलने लगे पुराने वीडियो

Summary :

इज़राइली नेताओं को मिल रहीं धमकी भरी कॉल्स

तेहरान : इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को 7 दिन पूरे हो चुके हैं और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। गुरुवार को इज़राइल ने ईरान के अरक परमाणु संयंत्र पर हमला करने का दावा किया, जबकि ईरान ने इस्राइल के कई बड़े शहरों को निशाना बनाया और तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज की इमारत को क्षति पहुंचाई। साथ ही बीरशेबा स्थित एक अस्पताल के ध्वस्त होने की खबरें भी सामने आई हैं। जहां सैन्य संघर्ष अपनी जगह कायम है, वहीं दोनों देश अब एक अदृश्य और बेहद खतरनाक मोर्चे पर भी आमने-सामने हैं- साइबर और मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psy-Ops)। यानी कि अब सिर्फ बम ही नहीं बल्कि साइबर हथियार भी इस्तेमाल हो रहे हैं।

ईरान के टीवी चैनलों पर हुआ साइबर हमला

बुधवार को ईरानी टीवी चैनलों के प्रसारण के दौरान अचानक रुकावट आई और महसा अमीनी आंदोलन से जुड़े पुराने वीडियो चलने लगे। इन क्लिप्स में लोगों को शासन के विरोध में प्रदर्शन करते दिखाया गया। स्थानीय अख़बार हमशहरी के अनुसार, यह साइबर हमला ईरान के सरकारी टेलीविजन और दूरसंचार नेटवर्क पर किया गया था। बाद में एक संदेश दिखाया गया जिसमें कहा गया, “यहूदी दुश्मनों (इज़राइल) की ओर से साइबर हमला हुआ है।”

इंटरनेट पर प्रतिबंध, व्हाट्सएप पर सख्ती

ईरान ने आरोप लगाया कि इज़राइल उसके नागरिकों के इंटरनेट डिवाइस को सैन्य खुफिया के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इसके चलते सरकार ने देशभर में इंटरनेट पर सख्त पाबंदी लगाई है। ब्रिटेन स्थित नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है। साथ ही व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, गूगल और एपल एप स्टोर तक बंद कर दिए गए हैं। ईरान ने जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप का बिल्कुल उपयोग न करें। हालांकि व्हाट्सएप ने ईरानी आरोपों को “बिना आधार” बताया है।

वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमले, बैंकों और क्रिप्टो एक्सचेंज को नुकसान

इज़राइल समर्थित हैकर समूह ‘गोंजेशके दरांदे’ (शिकारी चिड़िया) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के सरकारी बैंक सिपाह को हैक कर उसका डेटा चुरा लिया है। इससे बैंक की वेबसाइट और कई सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे लोग अपने खातों से धन नहीं निकाल पाए। इसी हैकर समूह ने ईरानी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज नोबिटेक्स पर भी साइबर हमले किए हैं। समूह ने दावा किया कि नोबिटेक्स के जरिए ईरानी शासन अंतरराष्ट्रीय चरमपंथ को फंड करता था। इस हमले में लाखों डॉलर की डिजिटल संपत्ति जब्त करने का दावा भी किया गया है।

इज़राइली नेताओं को मिल रहीं धमकी भरी कॉल्स

साइबर हमलों के अलावा मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनाया जा रहा है। इज़राइल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, कई शीर्ष नेताओं को हीब्रू भाषा में फोन कॉल्स के जरिए धमकियां मिली हैं। इन कॉल्स में कहा गया, “ईरान मिसाइलों से पूरे इस्राइल को तबाह कर देगा।” धमकी पाने वालों में धार्मिक यहूदी पार्टी के महानिदेशक यहूदा वल्द और येश अतीद पार्टी की नेता शेली ताल मेरोन शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि कॉल्स ईरान से ही किए गए थे।

रूस की मध्यस्थता की पेशकश

इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Priya