यह सुनवाई जस्टिस जेजे विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की बेंच ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान यह राहत दी.
Jaggi Murder Case Update: क्या है पूरा मामला

बता दें, रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामला 4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता की गोली मारकर की गई राजनीतिक हत्या से जुड़ा 23 साल पुराना केस है.
इस मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें अमित जोगी को छोड़कर 28 लोगों को सजा हो गई थी लेकिन 31 मई 2007 को अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था.
इसके बाद रामवतार जग्गी के बेटे ने अमित जोगी को बरी करने के विरोध में SC में याचिका लगाई थी, जिसके बाद याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट भेज दिया था.
इस मामले में 2026 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, हाई कोर्ट ने जोगी की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए उन्हें 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसे हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया है.
SC on Jaggi Murder Case: सीबीआई से मांगा जवाब
बता दें, इसमें पहला आदेश, सीबीआई को अपील करने की अनुमति को लेकर है और दूसरा बिलासपुर हाई कोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें ह्त्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. साथ ही 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी.
दोनों मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर से राहत दे दी है और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें, इस मामले में अब सीबीआई को अपना जवाब तैयार कर सौंपना है जिससे आगे की सुनवाई की दिशा तय होगी.
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