Kushinagar Terror Arrest: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से पकड़े गए संदिग्ध आतंकी रिजवान अहमद को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। एजेंसियों के मुताबिक, वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाने की साजिश में जुटा था। उसकी योजना पहले हुए लाल किला हमला की तर्ज पर IED धमाके करने की थी।
Kushinagar Terror Arrest: अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का खुलासा

जांच के दौरान रिजवान के विदेशी संपर्क भी सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, उसका जुड़ाव आतंकी संगठन आईएसआईएस से था। बताया जा रहा है कि उसका संपर्क इराक में मौजूद एक कमांडर अबु ओसामा से था, जो उसे ऑनलाइन बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था। इसी के निर्देश पर वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।
मंदिरों की रेकी और साजिश
एजेंसियों को यह भी पता चला है कि आरोपी ने कई प्रमुख मंदिरों की पहले से रेकी की थी। वह लंबे समय से इन जगहों की जानकारी जुटा रहा था ताकि सही समय पर हमला किया जा सके। इससे साफ है कि उसकी योजना काफी गंभीर और सुनियोजित थी। रिजवान के पास से बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। इसमें मॉडिफाइड टेबल घड़ी, लगभग 500 ग्राम केमिकल, टाइमर डिवाइस, वायरिंग और अन्य उपकरण शामिल हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन सामानों का इस्तेमाल IED बनाने के लिए किया जा सकता था। इससे संकेत मिलता है कि वह किसी बड़े हमले की तैयारी में था।जांच में यह भी सामने आया है कि रिजवान सोशल मीडिया का उपयोग कर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित कर रहा था। उसके पास से आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री मिली है, जिसका इस्तेमाल वह लोगों का ब्रेनवॉश करने के लिए करता था। खास बात यह है कि वह नाबालिगों को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था।
Kushinagar Terror Arrest: नाबालिगों को बना रहा था निशाना

सूत्रों के अनुसार, आरोपी 4 से 5 नाबालिगों के संपर्क में था। वह उन्हें अपने विचारों से प्रभावित कर उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की योजना बना रहा था। पुलिस का कहना है कि वह इन युवाओं का इस्तेमाल धमाकों को अंजाम देने के लिए करना चाहता था। रिजवान का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उसे साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था। करीब 8 साल जेल में रहने के बाद वह 2023 में रिहा हुआ था। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद भी उसने अपनी गतिविधियां बंद नहीं कीं और दोबारा सक्रिय हो गया।
जांच जारी, नेटवर्क की तलाश
फिलहाल दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं, ताकि यह समझा जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि उसका संपर्क किन-किन लोगों और संगठनों से था। कुल मिलाकर, यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है और इससे जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
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