इश्क की शुरुआत में पहले कौन बोलता है “I love you”? नई रिसर्च से दूर हो जाएंगी आपकी गलतफहमियां

Summary :

Love Confession Gender Research: प्यार को लेकर हम यह सोचते है कि महिलाएं ज्यादा भावुक होती हैं, जल्दी प्यार में पड़ती हैं और रिश्तों को संभालती हैं, जबकि पुरुष कम इमोशनल होते हैं और जल्दी पीछे हट जाते हैं। लेकिन नई वैज्ञानिक रिसर्च इस सोच को काफी हद तक गलत साबित करती है। नई स्टडीज बताती हैं कि पुरुष भी उतना ही गहराई से प्यार करते हैं, बस उनका तरीका और समय अलग होता है। दो हालिया साइकोलॉजिकल स्टडीज ने यह समझने की कोशिश की कि पुरुष और महिलाएं प्यार को कैसे महसूस करते हैं। इन रिसर्चों से पता चला…

Love Confession Gender Research: प्यार को लेकर हम यह सोचते है कि महिलाएं ज्यादा भावुक होती हैं, जल्दी प्यार में पड़ती हैं और रिश्तों को संभालती हैं, जबकि पुरुष कम इमोशनल होते हैं और जल्दी पीछे हट जाते हैं। लेकिन नई वैज्ञानिक रिसर्च इस सोच को काफी हद तक गलत साबित करती है। नई स्टडीज बताती हैं कि पुरुष भी उतना ही गहराई से प्यार करते हैं, बस उनका तरीका और समय अलग होता है। दो हालिया साइकोलॉजिकल स्टडीज ने यह समझने की कोशिश की कि पुरुष और महिलाएं प्यार को कैसे महसूस करते हैं। इन रिसर्चों से पता चला कि अंतर है, लेकिन यह “कितना” ज्यादा या कम है, इसका नहीं बल्कि “कैसे और कब” का है।

पुरुष जल्दी “आई लव यू”, महिलाएं ज्यादा सोचतीं

2025 में BMC जर्नल्स में प्रकाशित पहले अध्ययन में, 18 से 25 वर्ष की आयु के 808 युवाओं पर शोध किया गया। इसमें पाया गया कि पुरुष आमतौर पर महिलाओं की तुलना में लगभग एक महीना पहले प्यार में पड़ जाते हैं। इसके विपरीत, महिलाएं प्यार को ज़्यादा गहराई और तीव्रता से महसूस करती हैं, और वे अपने पार्टनर के बारे में ज़्यादा बार सोचती हैं।

शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि यह अंतर हमारे विकासवादी इतिहास से जुड़ा हो सकता है। पुरुषों के लिए, जल्दी प्यार में पड़ना और अपनी प्रतिबद्धता दिखाना ज़रूरी था, जबकि महिलाओं ने पार्टनर चुनते समय ज़्यादा सावधानी बरतने की आदत विकसित कर ली थी। इसलिए, अगर कोई पुरुष सबसे पहले “आई लव यू” कहता है, तो इसका मतलब यह ज़रूरी नहीं है कि वह सिर्फ़ दिखावा कर रहा है; यह बस उसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति हो सकती है।

दोनों के प्यार का स्वरूप अलग

2024 में किए गए एक दूसरे अध्ययन का उद्देश्य, रिश्तों के अलग-अलग पड़ावों पर प्यार के अनुभव को समझना था। इसमें हज़ारों लोगों की भावनाओं को रियल टाइम में ट्रैक किया गया। नतीजों से पता चला कि सगाई के दौर में, महिलाओं को प्यार का अनुभव पुरुषों के मुकाबले ज़्यादा गहराई से होता है; हालाँकि, शादी के शुरुआती दो सालों में उनके भावनात्मक अनुभव में थोड़ी कमी आती है। इसके विपरीत, पुरुषों का प्यार ज़्यादा धीरे-धीरे विकसित होता है और ज़्यादा स्थिर बना रहता है। इसका मतलब यह नहीं है कि शादी के बाद महिलाएं कम प्यार करती हैं, बल्कि यह दर्शाता है कि समय के साथ प्यार का स्वरूप बदल जाता है।

अलग-अलग तरीकों से करते हैं प्यार

ये दोनों अध्ययन यह बताते हैं कि पुरुष और महिलाएं अलग-अलग तरीकों से प्यार करते हैं, फिर भी दोनों ही गहरे रिश्ते बनाने में सक्षम होते हैं। प्यार का सफर हर किसी के लिए अनोखा होता है—कुछ लोग इस मुकाम तक जल्दी पहुँचते हैं, तो कुछ धीरे-धीरे—लेकिन मंज़िल एक ही रहती है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि हम अपने साथी के प्यार करने के तरीके को समझें, और उसकी गहराई तथा उसके बदलते स्वरूप को पहचानें। यही समझ किसी भी रिश्ते को मज़बूत बनाती है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।