मध्य प्रदेश: पंकज प्रजापति हत्याकांड मामले में आरोपी गिरफ्तार, डबल बैरल बंदूक जब्त

Summary :

वारदात में इस्तेमाल की गई 12 बोर की डबल बैरल बंदूक जब्त

मध्य प्रदेश के नौगांव में पंकज प्रजापति की हत्या मामले में मुख्य आरोपी प्रवीण पटेरिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई डबल बैरल बंदूक भी जब्त की है। इस घटना के बाद पुलिस ने हत्या की धारा जोड़कर मामला दर्ज किया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई थीं।

मध्य प्रदेश के नौगांव के बिलहरी गांव में 8 जून को हुई गोलीबारी और पंकज प्रजापति की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी प्रवीण पटेरिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई 12 बोर की डबल बैरल बंदूक भी जब्त कर ली। पुलिस के अनुसार, 8 जून को नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में विवाद और गोली चलने की सूचना मिली थी। घायल पंकज प्रजापति को उपचार के लिए पहले नौगांव, फिर छतरपुर और अंततः ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन झांसी के पास उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद नौगांव पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा भी जोड़ दी। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर नौगांव थाना में भारतीय दंड संहिता की हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज की गई। घटना के बाद से आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश में पुलिस की 4 टीमें लगातार जिला महोबा, बमीठा, पन्ना, जबलपुर सहित हर संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थीं।

पुलिस टीम ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए, घटना के 2 दिन के अंदर ही मुख्य आरोपी प्रवीण पटेरिया पुत्र रामनारायण पटेरिया निवासी ग्राम बिलहरी, थाना नौगांव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रवीण पटेरिया पहले से ही मारपीट जैसे दो अन्य अपराधों में संलिप्त है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और आगे की विवेचना जारी है।

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वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है, जब लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था, “मध्य प्रदेश में 19 साल के पंकज प्रजापति को सिर्फ इसलिए सरेआम गोली मार दी गई, क्योंकि उसने दलित होकर अपने हिस्से का हक मांगा। एफआईआर दर्ज नहीं की गई, पोस्टमार्टम टाल दिया गया, क्योंकि गुनहगार नेता सत्ता की गोद में बैठा है और सत्ता मनुवादी और बहुजन विरोधी बीजेपी की है।”

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