भवानीपुर में हुई साजिश! काउंटिंग सेंटर में घुसकर गुंडों ने मुझे पीटा… वायरल AUDIO में ममता बनर्जी ने लगाए आरोप

Summary :

Mamata Banerjee on Bhawaniapur Election: पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 206 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। इस बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप साझा की, जिसमें उनकी बातचीत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित बातचीत में ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा…

Mamata Banerjee on Bhawaniapur Election: पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 206 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। इस बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप साझा की, जिसमें उनकी बातचीत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित बातचीत में ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और इसे “वोट चोरी का खेल” बताया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

Mamata Banerjee on Bhawaniapur Election: ममता बनर्जी के गंभीर आरोप

ऑडियो में ममता बनर्जी यह कहते हुए सुनी जा सकती हैं कि मतगणना के शुरुआती 16 राउंड तक वह अपने प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी से आगे चल रही थीं। लेकिन अंतिम दौर में अचानक स्थिति बदल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना केंद्रों में बाहरी लोगों की एंट्री हुई, जिन्हें उन्होंने “गुंडे” कहा। उनके अनुसार, इन लोगों ने वहां मौजूद अधिकारियों और पार्टी एजेंटों को डराया-धमकाया। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। उन्होंने चुनाव आयोग, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों पर भी आरोप लगाया कि वे केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहे थे और इससे भाजपा को फायदा हुआ।

भवानीपुर में कांटे की टक्कर

भवानीपुर सीट पर मतगणना के दिन मुकाबला काफी रोमांचक रहा। सुबह पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ ही दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। शुरुआती दौर में ममता बनर्जी ने करीब 2,000 वोटों की बढ़त बना ली थी। हालांकि, दूसरे राउंड में शुभेंदु अधिकारी ने वापसी करते हुए लगभग 1,500 वोटों से बढ़त बना ली। इसके बाद फिर से स्थिति बदली और ममता बनर्जी मामूली अंतर से आगे निकल गईं। इस तरह हर राउंड में बढ़त बदलती रही और मुकाबला बेहद दिलचस्प बना रहा।

बढ़त और गिरावट का खेल

कुछ राउंड के बाद ममता बनर्जी की स्थिति मजबूत होती नजर आई। सातवें राउंड तक उनकी बढ़त 17,000 वोटों से ज्यादा हो गई थी। इस दौरान उनके समर्थकों ने जश्न मनाना भी शुरू कर दिया था। लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे उनकी बढ़त कम होने लगी। पांचवें राउंड के बाद यह घटकर करीब 7,000 रह गई और 14वें राउंड तक यह अंतर केवल 4,000 वोटों के आसपास पहुंच गया। इससे मुकाबला फिर से कड़ा हो गया और नतीजों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

मतगणना के दौरान कुछ समय के लिए प्रक्रिया रोकने की भी बात सामने आई। आरोप लगे कि टीएमसी के एक एजेंट को हटाया गया। ममता बनर्जी ने दावा किया कि अंतिम दौर में उनके पार्टी के एजेंटों को मतगणना हॉल से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुद भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उनके मुताबिक, उस समय पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और नियमों का पालन नहीं किया गया।

बिजली कटौती और टर्निंग पॉइंट

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान कुछ समय के लिए बिजली भी चली गई थी, जिससे स्थिति और ज्यादा संदिग्ध हो गई। उन्होंने इसे 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा बताया, जहां इसी तरह के हालात में परिणाम बदल गए थे। उनके अनुसार, अंतिम राउंड में स्थिति पूरी तरह पलट गई। जहां वह पहले आगे थीं, वहीं आखिर में वह पीछे हो गईं। यह बदलाव उनके लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ।

मतगणना के अंत में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हरा दिया। यह जीत सिर्फ आंकड़ों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम मानी जा रही है। भवानीपुर को लंबे समय से ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता था। ऐसे में इस सीट पर हार को टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

ममता बनर्जी के तीन मुख्य आरोप

ममता बनर्जी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर तीन प्रमुख आरोप लगाए। पहला, उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी (SIR) के जरिए उनके समर्थकों के नाम हटाए गए। दूसरा, उन्होंने बिजली कटौती को संदिग्ध बताया, जिससे मतगणना प्रभावित हुई। तीसरा, उन्होंने आरोप लगाया कि अंतिम राउंड में उनके वोट जबरन कम कर दिए गए और ईवीएम के साथ भी गड़बड़ी की गई। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि उनके पास इस पूरे मामले के सबूत हैं और वे इसे अदालत में चुनौती देंगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूरी जानकारी कल्याण बनर्जी को दी जा रही है, जो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने इस नतीजे को भाजपा की जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की हार बताया और कहा कि यह एक “गंदा खेल” है।

दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी की जीत को भाजपा के लिए बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। यह नतीजा न सिर्फ एक सीट की जीत है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत भी है। भवानीपुर जैसी सीट पर जीत हासिल करना भाजपा के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है और यह दिखाता है कि पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री चुनने के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए Amit Shah, असम की जिम्मेदारी संभालेंगे JP Nadda

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।